17 सितंबर 2026 का पंचांग: आज विश्वकर्मा पूजा, सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार षष्ठी तिथि सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ हो जाएगी। दिन में अनुराधा नक्षत्र रहेगा, जो शाम 7 बजकर 53 मिनट तक रहने के बाद ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही आज सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश भी होगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल उपलब्ध हैं, जबकि राहुकाल समेत कुछ अशुभ काल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

आज की तिथि और नक्षत्र : भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:48 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। अनुराधा नक्षत्र शाम 7:53 बजे तक रहेगा और उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा। आज विष्कुंभ योग दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा, इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा।

वार: गुरुवार

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: षष्ठी सुबह 10:48 बजे तक, फिर सप्तमी

नक्षत्र: अनुराधा शाम 7:53 बजे तक, फिर ज्येष्ठा

पर्व: विश्वकर्मा पूजा

गोचर: सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश

सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश

पंचांग के अनुसार सूर्य आज सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ कार्यस्थल, औजारों, मशीनों, उपकरणों और निर्माण से जुड़े साधनों की पूजा करने की परंपरा है।

करण का समय

- तैतिल करण: 16 सितंबर रात 9:50 बजे से 17 सितंबर सुबह 10:48 बजे तक।

- गर करण: 17 सितंबर सुबह 10:48 बजे से रात 11:52 बजे तक।

- वणिज करण: 17 सितंबर रात 11:52 बजे से 18 सितंबर दोपहर 1:01 बजे तक।

आज के शुभ योग

विष्कुंभ योग: 16 सितंबर दोपहर 12:22 बजे से 17 सितंबर दोपहर 12:49 बजे तक।

प्रीति योग: 17 सितंबर दोपहर 12:49 बजे से 18 सितंबर दोपहर 1:34 बजे तक।

अमृतसिद्धि योग:   सुबह 6:17 बजे तक।

सर्वार्थसिद्धि योग:  5:22 बजे से  शाम 7:53 बजे तक।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय: सुबह 6:17 बजे

सूर्यास्त: शाम 6:25 बजे

चंद्रोदय: सुबह 11:47 बजे

चंद्रास्त: रात 10:28 बजे

आज के अशुभ काल

राहुकाल: दोपहर 1:52 बजे से 3:23 बजे तक

यमगंड: सुबह 6:17 बजे से 7:48 बजे तक

कुलिक काल: सुबह 9:19 बजे से 10:50 बजे तक

दुर्मुहूर्त: सुबह 10:20 बजे से 11:08 बजे तक तथा दोपहर 3:10 बजे से 3:59 बजे तक

वर्ज्यम्: रात 2:09 बजे से 3:56 बजे तक

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 बजे से 5:29 बजे तक

अमृत काल: सुबह 8:23 बजे से 10:09 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक

आज का चौघड़िया

शुभ: सुबह 6:07 बजे से 7:39 बजे तक

रोग: सुबह 7:39 बजे से 9:11 बजे तक

उद्वेग: सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक

चर: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में स्मरण किया जाता है। मान्यता के अनुसार उन्होंने देवताओं के लिए अनेक दिव्य भवनों, अस्त्र-शस्त्रों और नगरों का निर्माण किया। इस दिन कारखानों, प्रतिष्ठानों, दुकानों, निर्माण स्थलों तथा घरों में मशीनों, औजारों और कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह पर्व श्रम, शिल्प, तकनीक और सृजन के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।

नोट: पंचांग के मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। 

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