आज का पंचांग (25 जुलाई 2026, शनिवार)
तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी – प्रातः 11:34 बजे तक, इसके बाद द्वादशी।
नक्षत्र: ज्येष्ठा – रात्रि 10:04 बजे तक, इसके बाद मूल नक्षत्र।
योग: ब्रह्म योग – दोपहर 02:18 बजे तक, इसके बाद इंद्र योग।
करण: विष्टि (भद्रा) – प्रातः 04:19 बजे तक, इसके बाद बव – दोपहर 03:41 बजे तक, तत्पश्चात बालव करण।
चंद्रमा: वृश्चिक राशि में।
सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे।
सूर्यास्त: सायं 07:11 बजे।
चंद्रोदय: सायं 04:14 बजे।
चंद्रास्त: रात्रि 01:33 बजे (26 जुलाई)।
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:16 से 04:57 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:56 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से 03:39 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:04 से 07:16 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 09:04 से 10:45 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 05:42 से 07:23 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 02:08 से 03:49 बजे तक
दिशाशूल: पूर्व दिशा (इस दिशा में यात्रा से पूर्व आवश्यक उपाय करना शुभ माना गया है।)
दिन का चौघड़िया
काल : 05:41 – 07:22
शुभ : 07:22 – 09:03
रोग : 09:03 – 10:45
उद्वेग : 10:45 – 12:26
चर : 12:26 – 02:07
लाभ : 02:07 – 03:48
अमृत : 03:48 – 05:29
काल : 05:29 – 07:11
रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग : 07:11 – 08:29 रात्रि
शुभ : 08:29 – 09:48 रात्रि
अमृत : 09:48 – 11:07 रात्रि
चर : 11:07 – 12:26 रात्रि
रोग : 12:26 – 01:45 (26 जुलाई)
काल : 01:45 – 03:04
लाभ : 03:04 – 04:23
उद्वेग : 04:23 – 05:41
आज का धार्मिक महत्व : देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु के योगनिद्रा में प्रवेश करने के साथ ही चातुर्मास आरंभ हो जाता है। यह चार माह का काल आध्यात्मिक साधना, व्रत, जप, तप, दान और सत्संग के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक संस्कार सामान्यतः नहीं किए जाते। आज के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, श्रीहरि विष्णु का पूजन, विष्णु सहस्रनाम का पाठ तथा जरूरतमंदों को दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
