आज का पंचांग (26 जुलाई 2026): देवशयनी एकादशी के बाद आज द्वादशी, शुभ कार्यों के लिए जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया

सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। किसी भी मांगलिक कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, व्यापार, गृह प्रवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त का विचार करना शुभ माना जाता है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। देवशयनी एकादशी के उपरांत आने वाली यह तिथि भगवान विष्णु की आराधना तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। आइए जानते हैं 26 जुलाई 2026, रविवार का विस्तृत पंचांग।

आज का पंचांग (26 जुलाई 2026)

- मास: आषाढ़

- पक्ष: शुक्ल पक्ष

- तिथि: द्वादशी दोपहर 01:57 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।

- नक्षत्र: ज्येष्ठा प्रातः 07:34 बजे तक, इसके बाद मूल नक्षत्र।

- योग: इन्द्र योग रात्रि 10:05 बजे तक, इसके बाद वैधृति योग।

- करण: बालव करण दोपहर 01:57 बजे तक, इसके बाद कौलव करण।

ग्रहों की स्थिति

- चंद्रमा: प्रातः 07:34 बजे तक वृश्चिक राशि में, इसके बाद धनु राशि में गोचर करेंगे।

सूर्य एवं चंद्रमा का समय

- सूर्योदय: प्रातः 05:39 बजे

- सूर्यास्त: सायं 07:16 बजे

- चंद्रोदय: सायं 05:12 बजे

- चंद्रास्त: 27 जुलाई की तड़के 03:09 बजे

आज के शुभ मुहूर्त

- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक।

- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक।

- अमृत काल: 27 जुलाई तड़के 03:18 बजे से 05:05 बजे तक।

आज का चौघड़िया

- उद्वेग: प्रातः 05:39 बजे से 07:21 बजे तक।

- चर: प्रातः 07:21 बजे से 09:03 बजे तक।

- लाभ: प्रातः 09:03 बजे से 10:45 बजे तक।

- अमृत: प्रातः 10:45 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।

आज के अशुभ मुहूर्त

- राहुकाल: सायं 05:30 बजे से 07:00 बजे तक।

- गुलिक काल: दोपहर 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक।

- यमगंड: दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ कार्यों की योजना बनाते समय राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड से बचना उचित माना जाता है, जबकि अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। आज द्वादशी तिथि पर भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा, तुलसी पूजन, दान-पुण्य और सात्विक जीवनचर्या का पालन अत्यंत फलदायी माना गया है।

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