मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार गुरुवार, 23 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि प्रातः 07:03 बजे तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि का आरंभ होगा। दिनभर शुभ योग और अनुकूल नक्षत्रों का प्रभाव रहने से पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान तथा मांगलिक कार्यों के लिए समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया का ध्यान रखकर किए गए कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
तिथि, नक्षत्र और योग
तिथि: आषाढ़ शुक्ल नवमी प्रातः 07:03 बजे तक, इसके बाद दशमी तिथि।
नक्षत्र: विशाखा नक्षत्र अगले दिन तड़के 01:42 बजे तक, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र।
योग: शुभ योग सायं 07:20 बजे तक, इसके बाद शुक्ल योग।
करण: कौलव करण प्रातः 07:03 बजे तक, इसके बाद तैतिल करण।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 05:37 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 02:28 बजे
- चंद्रास्त: मध्यरात्रि 12:46 बजे
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:55 बजे से 04:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
आज का चौघड़िया
शुभ: प्रातः 05:37 बजे से 07:20 बजे तक
रोग: प्रातः 07:20 बजे से 09:02 बजे तक
उद्वेग: प्रातः 09:02 बजे से 10:45 बजे तक
चर: प्रातः 10:45 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
मृत काल: दोपहर 03:56 बजे से सायं 05:42 बजे तक
पंचांग के अनुसार आज नवमी से दशमी तिथि में प्रवेश हो रहा है। विशाखा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, जप-तप और दान-पुण्य के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय राहुकाल, गुलिक काल और अन्य अशुभ मुहूर्तों से बचने की सलाह दी जाती है।
