भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं है, बल्कि यह दैनिक जीवन को शुभ-अशुभ संकेतों के आधार पर व्यवस्थित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। 16 जून 2026, मंगलवार का दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ आरंभ हो रहा है। आज वृद्धि योग तथा आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा, जो अनेक कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक अनुष्ठान, मांगलिक कार्य, पूजा-पाठ एवं दैनिक शुभ कार्यों के लिए पंचांग का ज्ञान अत्यंत उपयोगी माना जाता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति।
आज का पंचांग : तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया तिथि मध्यरात्रि 12 बजकर 52 मिनट (17 जून) तक रहेगी, इसके पश्चात तृतीया तिथि का आरंभ होगा।
योग: वृद्धि योग मध्यरात्रि 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ध्रुव योग प्रारंभ होगा।
करण: - बालव करण दोपहर 02 बजकर 39 मिनट तक।
- कौलव करण मध्यरात्रि 12 बजकर 52 मिनट तक।
- इसके पश्चात तैतिल करण प्रारंभ होगा।
सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 05 बजकर 23 मिनट
- सूर्यास्त: सायं 07 बजकर 21 मिनट
- चंद्रोदय: प्रातः 06 बजकर 20 मिनट
- चंद्रास्त: रात्रि 08 बजकर 54 मिनट
आज का नक्षत्र : आर्द्रा नक्षत्र पूरे दिन एवं रात्रि में प्रभावी रहेगा तथा अगले दिन सूर्योदय तक बना रहेगा।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक।
अमृत काल : प्रातः 07 बजकर 25 मिनट से प्रातः 08 बजकर 50 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 03 बजकर 52 मिनट से प्रातः 04 बजकर 38 मिनट तक।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से सायं 05 बजकर 00 मिनट तक।
गुलिक काल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।
यमगंड काल : प्रातः 09 बजकर 00 मिनट से प्रातः 10 बजकर 30 मिनट तक।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के समन्वय से बनने वाला पंचांग मानव जीवन के विविध कार्यों के लिए मार्गदर्शक माना जाता है। आज वृद्धि योग उन्नति और विकास का प्रतीक माना जाता है, जबकि आर्द्रा नक्षत्र शोध, चिंतन और नए विचारों को जन्म देने वाला नक्षत्र माना गया है। धार्मिक कार्यों, जप-तप, अध्ययन तथा आत्मचिंतन के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जा सकता है।
