आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि एवं शनिवार का संयोग धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज दिन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में हो रही है, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही इन्द्र योग और उसके उपरांत वैधृति योग का निर्माण हो रहा है। विशेष बात यह है कि आज सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में सभी प्रकार के मांगलिक एवं महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
पंचांग के अनुसार षष्ठी तिथि प्रातः 6 बजकर 03 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। श्रवण नक्षत्र भी प्रातः 6 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, तत्पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा। इन्द्र योग सुबह 10 बजकर 05 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद वैधृति योग प्रभावी होगा।
पंचांग विवरण
- तिथि – षष्ठी तिथि (02:40 ए.एम., 7 जून तक), इसके बाद सप्तमी
- पक्ष – कृष्ण पक्ष
- वार – शनिवार
- नक्षत्र – श्रवण प्रातः 06:03 बजे तक, तत्पश्चात धनिष्ठा
- योग – इन्द्र योग प्रातः 10:05 बजे तक, फिर वैधृति योग
सूर्य एवं चंद्र संबंधी जानकारी
- सूर्योदय – प्रातः 05:44 बजे
- सूर्यास्त – सायं 06:38 बजे
- चंद्रोदय – रात्रि 11:24 बजे
- चन्द्रास्त – प्रातः 10:24 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त – 11:45 पूर्वाह्न से 12:37 अपराह्न
- ब्रह्म मुहूर्त – 04:15 प्रातः से 05:00 प्रातः
- गोधूलि मुहूर्त – 06:37 सायं से 06:59 सायं
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – 08:58 पूर्वाह्न से 10:34 पूर्वाह्न
- यमगण्ड – 01:48 अपराह्न से 03:25 अपराह्न
- गुलिक काल – 05:44 प्रातः से 07:21 प्रातः
- दुर्मुहूर्त – 05:44 प्रातः से 06:36 प्रातः तथा 06:36 प्रातः से 07:27 प्रातः
दिशा शूल : आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। अतः पूर्व दिशा की यात्रा करने से पूर्व आवश्यक उपाय करना शुभ माना गया है।
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव और हनुमान जी की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। आज सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र के प्रभाव में किए गए जप, तप, दान, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधनाएं विशेष फलदायी मानी जाती हैं। श्रद्धालु शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए तिल, तेल और काले वस्त्रों का दान कर सकते हैं तथा हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ रहेगा।
