सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और वार का गणित नहीं, बल्कि जीवन की दिशा तय करने वाला आध्यात्मिक दर्पण माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त और योगों का प्रभाव व्यक्ति के दैनिक कार्यों से लेकर धार्मिक अनुष्ठानों तक को प्रभावित करता है। आज ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष में द्वितीया और तृतीया तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव दिन को और अधिक शुभता प्रदान करेगा। सुकर्मा योग तथा अमृत सिद्धि योग जैसे मंगलकारी योग धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, दान, जप और नए संकल्पों के लिए अत्यंत फलदायी माने जा रहे हैं।
आज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 05 बजकर 53 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। रोहिणी नक्षत्र सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, तत्पश्चात मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। योग की दृष्टि से सुकर्मा योग रात्रि 09 बजकर 48 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद धृति योग प्रारंभ होगा।
सूर्योदय सुबह 05 बजकर 29 मिनट पर तथा सूर्यास्त शाम 07 बजकर 07 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 06 बजकर 27 मिनट पर और चन्द्रास्त रात्रि 09 बजकर 09 मिनट पर होगा। आज चंद्रमा रात्रि 10 बजकर 05 मिनट तक वृषभ राशि में रहेंगे, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य वर्तमान में वृषभ राशि में स्थित हैं जबकि अन्य ग्रहों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
करणों की बात करें तो बालव करण सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके पश्चात कौलव करण शाम 05 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रहेगा। फिर तैतिल करण 19 मई की रात्रि 04 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद गर करण आरंभ होगा।
आज का दिनमान 13 घंटे 37 मिनट 46 सेकंड तथा रात्रिमान 10 घंटे 21 मिनट 42 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल 12 बजकर 18 मिनट पर होगा।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:06 बजे से 04:47 बजे तक
प्रातः सन्ध्या : सुबह 04:27 बजे से 05:29 बजे तक
अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:50 बजे से 12:45 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:34 बजे से 03:29 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:05 बजे से 07:26 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या : शाम 07:07 बजे से 08:09 बजे तक
अमृत काल : सुबह 08:44 बजे से 10:08 बजे तक तथा रात्रि 12:56 बजे से 02:20 बजे (19 मई) तक
अमृत सिद्धि योग : सुबह 11:32 बजे से अगले दिन सुबह 05:28 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : सुबह 07:11 बजे से 08:53 बजे तक
यमगण्ड : सुबह 10:35 बजे से 12:18 बजे तक
गुलिक काल : दोपहर 02:00 बजे से 03:42 बजे तक
दुर्मुहूर्त : दोपहर 12:45 बजे से 01:39 बजे तक तथा दोपहर 03:29 बजे से 04:23 बजे तक
आज दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चन्द्र वास रात्रि 10:05 बजे तक दक्षिण दिशा में रहेगा, इसके बाद पश्चिम दिशा में माना जाएगा। राहु वास उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा। अग्निवास शाम 05:53 बजे तक आकाश में रहेगा, इसके बाद पाताल में माना जाएगा। वहीं शिववास शाम 05:53 बजे तक गौरी के साथ रहेगा, इसके बाद सभा में निवास माना जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अधिक मास में किए गए जप, तप, दान और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। ऐसे में आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और शुभ संकल्पों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जा रहा है।
