धर्म, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण शनिवार का दिन विशेष महत्व लेकर आया है। आज ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के साथ वट सावित्री व्रत, शनिदेव जयंती और शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज पितरों का स्मरण, दान-पुण्य, पीपल पूजा और शनिदेव की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज किए गए शुभ कार्यों, जप-तप और सेवा कार्यों से जीवन में सुख-समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
आज का पंचांग : 16 मई 2026
तिथि — ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या रात्रि 01 बजकर 37 मिनट तक, इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि आरम्भ होगी।
संवत — श्री शुभ संवत 2083
शाके — 1948
हिजरी सन — 1447-48
सूर्य एवं चन्द्र संबंधी जानकारी
सूर्योदय — प्रातः 05 बजकर 22 मिनट
सूर्यास्त — सायं 06 बजकर 38 मिनट
नक्षत्र एवं योग
नक्षत्र — भरणी नक्षत्र सायं 05 बजकर 30 मिनट तक, इसके बाद कृतिका नक्षत्र रहेगा।
योग — सौभाग्य योग
करण — चतुष्पद, नाग एवं किंस्तुघ्न करण
आज का चौघड़िया
काल (हानि) — प्रातः 05 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक
शुभ (उत्तम) — प्रातः 06 बजकर 44 मिनट से 08 बजकर 25 मिनट तक
रोग (अमंगल) — प्रातः 08 बजकर 25 मिनट से 10 बजकर 05 मिनट तक
उद्वेग (अशुभ) — प्रातः 10 बजकर 05 मिनट से 11 बजकर 46 मिनट तक
चर (सामान्य) — दोपहर 11 बजकर 46 मिनट से 01 बजकर 27 मिनट तक
लाभ (उन्नति) — दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक
अमृत (सर्वोत्तम) — अपराह्न 03 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 48 मिनट तक
काल (हानि) — सायं 04 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट तक
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त — प्रातः 03 बजकर 39 मिनट से 04 बजकर 21 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त — दोपहर 11 बजकर 19 मिनट से 12 बजकर 13 मिनट तक
विजय मुहूर्त — दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 02 बजकर 54 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल — प्रातः 08 बजकर 25 मिनट से 10 बजकर 05 मिनट तक
यमगण्ड — दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक
गुलिक काल — प्रातः 05 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक
दिशा शूल: पूर्व दिशा में । यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो तो घर से निकलने से पहले तिल या चना खाकर प्रस्थान करें।
धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से यात्रा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
