नव संवत्सर की ऊर्जा के साथ आज का पंचांग और दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त

भारतीय जीवन पद्धति में पंचांग केवल तिथियों और समय का विवरण भर नहीं होता, बल्कि यह हमारे दैनिक निर्णयों, धार्मिक आचरण और सांस्कृतिक परंपराओं का मार्गदर्शक भी है। विशेषकर शुक्ल पक्ष की शुरुआत को शुभता, नवीनता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ एक नए चंद्र पक्ष का आरंभ हो रहा है, जो नई योजनाओं और संकल्पों के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज प्रतिपदा तिथि दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ हो जाएगा। शुक्ल पक्ष का प्रारंभ स्वयं में ही वृद्धि, विकास और शुभ कार्यों के लिए प्रेरक होता है। आज का नक्षत्र अश्विनी प्रातः 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, इसके उपरांत भरणी नक्षत्र प्रभावी होगा। अश्विनी नक्षत्र को आरंभ और तीव्र गति का प्रतीक माना जाता है, वहीं भरणी नक्षत्र धैर्य और जिम्मेदारी का संकेत देता है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति : आज सूर्योदय प्रातः 05 बजकर 52 मिनट पर और सूर्यास्त सायं 06 बजकर 48 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 06 बजकर 08 मिनट पर और अस्त सायं 07 बजकर 56 मिनट पर होगा। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन के ऊर्जा चक्र को संतुलित बनाती है।

योग और करण का प्रभाव : आज प्रीति योग रात्रि 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग प्रारंभ होगा। प्रीति योग को सौहार्द और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। करण की बात करें तो बव करण दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद बालव करण प्रारंभ होकर अगले दिन 19 अप्रैल को रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

आज के शुभ मुहूर्त

दिनभर में कई ऐसे समय हैं, जिन्हें विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है:-

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04 बजकर 24 मिनट से 05 बजकर 08 मिनट तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं 06 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक।

आज का अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 09 बजकर 06 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक।

यमगण्ड: दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक।

गुलिक काल: प्रातः 05 बजकर 52 मिनट से 07 बजकर 29 मिनट तक।

दुर्मुहूर्त: प्रातः 05 बजकर 52 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक तथा 06 बजकर 44 मिनट से 07 बजकर 36 मिनट तक।

दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त

शुभ (उत्तम): प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 07 मिनट तक।

चर (सामान्य): दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक।

लाभ (उन्नति): दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 03 बजकर 35 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम): सायं 03 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 12 मिनट तक।

रात्रि का शुभ चौघड़िया मुहूर्त

लाभ (उन्नति): सायं 06 बजकर 49 मिनट से 08 बजकर 11 मिनट तक।

शुभ (उत्तम): रात्रि 09 बजकर 34 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम): रात्रि 10 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट (19 अप्रैल) तक।

चर (सामान्य): रात्रि 12 बजकर 20 मिनट से 01 बजकर 43 मिनट (19 अप्रैल) तक।

लाभ (उन्नति): प्रातः 04 बजकर 29 मिनट से 05 बजकर 52 मिनट तक।

दिशा शूल का विचार : आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है। अतः यदि अत्यंत आवश्यक न हो, तो पूर्व दिशा की यात्रा से परहेज करना चाहिए या उचित उपाय कर ही यात्रा आरंभ करनी चाहिए।

आज का दिन शुक्ल पक्ष की शुरुआत के कारण विशेष महत्व रखता है। यह समय नए कार्यों की योजना बनाने, सकारात्मक संकल्प लेने और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए अनुकूल है। पंचांग के अनुसार दिनचर्या को संतुलित कर हम न केवल परंपराओं का पालन करते हैं, बल्कि अपने जीवन में सफलता और संतुलन का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं।

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