आज का पंचांग (5 अप्रैल 2026): व्रत, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की संपूर्ण जानकारी

 आज का पंचांग 

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिनभर के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और व्रत-त्योहार की सटीक जानकारी प्रदान करता है। आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। आज का दिन विशेष रूप से विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
  • शक संवत: 1948 (पराभव)
  • पूर्णिमांत मास: वैशाख
  • अमांत मास: चैत्र

तिथि एवं योग

  • तिथि: कृष्ण तृतीया – दोपहर 11:59 बजे तक, इसके बाद चतुर्थी
  • योग: वज्र – दोपहर 02:44 बजे तक, फिर सिद्धि योग
  • करण:
    • विष्टि – दोपहर 11:59 बजे तक
    • बव – रात्रि 01:03 बजे (6 अप्रैल) तक

सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्योदय: प्रातः 06:07 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 06:41 बजे
  • चंद्रोदय: रात्रि 09:58 बजे
  • चंद्रास्त: प्रातः 07:33 बजे

आज चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जो रात्रि 12:08 बजे (6 अप्रैल) तक प्रभावी रहेगा।

आज का व्रत एवं पर्व

  • व्रत/त्योहार: विकट संकष्टी चतुर्थी। यह व्रत भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने और संकटों के निवारण के लिए रखा जाता है।

आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:49 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 02:24 बजे से सायं 04:10 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:39 बजे से 05:23 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल: सायं 04:30 बजे से 06:00 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 03:33 बजे से 05:07 बजे तक
  • यमगंड काल: दोपहर 12:24 बजे से 01:58 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सायं 05:01 बजे से 05:51 बजे तक

दिन का चौघड़िया:

  • उद्बेग: 06:19 – 07:51
  • चर: 07:51 – 09:24
  • लाभ: 09:24 – 10:57
  • अमृत: 10:57 – 12:29
  • काल: 12:29 – 14:02
  • शुभ: 14:02 – 15:34
  • रोग: 15:34 – 17:07
  • उद्बेग: 17:07 – 18:39

रात्रि का चौघड़िया:

  • शुभ: 18:39 – 20:07
  • अमृत: 20:07 – 21:34
  • चर: 21:34 – 23:01
  • रोग: 23:01 – 00:29
  • काल: 00:29 – 01:56
  • लाभ: 01:56 – 03:23
  • उद्बेग: 03:23 – 04:51
  • शुभ: 04:51 – 06:18

आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, विशेषकर संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने वालों के लिए। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत और अमृत काल उपयुक्त माने गए हैं, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ मुहूर्तों से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार दिनचर्या का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त होती है।

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