भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, बल्कि दैनिक जीवन के शुभ-अशुभ समय का मार्गदर्शन भी करता है। धार्मिक अनुष्ठानों, यात्रा, विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग का सहारा लिया जाता है। प्रस्तुत है आज का विस्तृत पंचांग, जो आपके दिन को व्यवस्थित और शुभ बनाने में सहायक होगा।
दिन का विवरण
- तिथि: वैशाख शुक्ल त्रयोदशी – सायं 07:51 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी आरंभ
- वार: बुधवार
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र: हस्त – रात्रि 12:16 बजे (30 अप्रैल) तक, तत्पश्चात चित्रा
- योग: हर्षण – रात्रि 08:52 बजे तक, इसके बाद वज्र योग
- करण:
- कौलव – प्रातः 07:18 बजे तक
- तैतिल – सायं 07:51 बजे तक
- इसके बाद गर करण
ग्रह-नक्षत्र स्थिति
- चंद्र राशि: कन्या
- दिशाशूल: उत्तर दिशा (इस दिशा में यात्रा से बचना शुभ माना जाता है)
सूर्योदय-सूर्यास्त एवं चंद्रोदय-चंद्रास्त
- सूर्योदय: प्रातः 05:42 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:55 बजे
- चंद्रोदय: सायं 05:00 बजे
- चंद्रास्त: प्रातः 04:29 बजे (30 अप्रैल)
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:16 बजे से 04:59 बजे तक
- अमृत काल: सायं 05:51 बजे से 07:34 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 बजे से 03:24 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:57 बजे से 12:40 बजे (30 अप्रैल)
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 05:42 बजे से रात्रि 12:16 बजे (30 अप्रैल)
- रवि योग: रात्रि 12:16 बजे से प्रातः 05:41 बजे (30 अप्रैल)
चौघड़िया मुहूर्त (दिन)
- लाभ: 05:42 बजे से 07:21 बजे तक
- अमृत: 07:21 बजे से 09:00 बजे तक
- शुभ: 10:40 बजे से 12:19 बजे तक
- चर: 03:37 बजे से 05:16 बजे तक
- लाभ: 05:16 बजे से 06:55 बजे तक
चौघड़िया मुहूर्त (रात्रि)
- शुभ: 08:16 बजे से 09:37 बजे तक
- अमृत: 09:37 बजे से 10:57 बजे तक
- चर: 10:57 बजे से 12:18 बजे (30 अप्रैल)
- लाभ: 03:00 बजे से 04:21 बजे (30 अप्रैल)
आज के अशुभ समय
- यमगण्ड काल: 07:21 बजे से 09:00 बजे तक
- गुलिक काल: 10:40 बजे से 12:19 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: 11:52 बजे से 12:45 बजे तक
- राहुकाल: 12:19 बजे से 01:58 बजे तक
शिववास
- नन्दी पर: सायं 07:51 बजे तक
- इसके पश्चात भोजन में शिववास
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। त्रयोदशी तिथि और हर्षण योग के संयोग में किए गए शुभ कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। हालांकि उत्तर दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत काल जैसे श्रेष्ठ मुहूर्त आज के दिन को और भी मंगलमय बना रहे हैं। उचित समय का चयन कर अपने कार्यों को सफल बनाएं।
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