भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और वार का विवरण भर नहीं होता, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन, शुभ-अशुभ कार्यों, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और समय की सूक्ष्म गणना का वैज्ञानिक आधार भी है। आज का पंचांग हमें दिनभर की गतिविधियों को सही दिशा देने के साथ-साथ शुभ मुहूर्तों और सावधान रहने योग्य समय के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है। प्रस्तुत है 08 अप्रैल 2026, बुधवार का विस्तृत पंचांग, जो आपके दिन को अधिक सुव्यवस्थित और सफल बनाने में सहायक होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज वैशाख कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि शाम 04 बजकर 09 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
नक्षत्र की बात करें तो मूल नक्षत्र पूरे दिन और रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
योग:
- वरीयान् योग – शाम 05:11 बजे तक
- इसके बाद परिघ योग प्रभावी
करण:
- वणिज करण – शाम 07:01 बजे तक
- इसके बाद विष्टि करण (भद्रा) पूरी रात्रि तक
ग्रह-नक्षत्र स्थिति
- चंद्रमा: धनु राशि में स्थित
- सूर्य: मीन राशि में, रेवती नक्षत्र में स्थित
मूल नक्षत्र चरण:
- प्रथम चरण: दोपहर 12:38 बजे तक
- द्वितीय चरण: शाम 07:22 बजे तक
- तृतीय चरण: रात्रि 02:06 बजे (9 अप्रैल) तक
- चतुर्थ चरण: इसके बाद
सूर्योदय और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 06:03 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:43 बजे
- चंद्रमा उदय: 9 अप्रैल को रात 12:41 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 09:45 बजे
दिन-रात्रि और मध्याह्न
- दिनमान: 12 घंटे 39 मिनट 19 सेकंड
- रात्रिमान: 11 घंटे 19 मिनट 34 सेकंड
- मध्याह्न: दोपहर 12:23 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:33 – 05:18
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:55 – 06:03
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 – 03:20
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:42 – 07:04
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:43 – 07:51
विशेष:
- अमृत काल: 9 अप्रैल को रात 01:38 – 03:25
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:00 – 12:45 (9 अप्रैल)
- अभिजित मुहूर्त: आज नहीं है
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:23 – 01:58
- यमगण्ड: सुबह 07:38 – 09:13
- गुलिक काल: सुबह 10:48 – 12:23
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:58 – 12:48
- वर्ज्य: दोपहर 02:52 – 04:40
विशेष अशुभ योग:
- विडाल योग: पूरे दिन
- गण्ड मूल: पूरे दिन
- भद्रा: शाम 07:01 बजे से अगले दिन सुबह 06:02 बजे तक
दिशा और वास संबंधी जानकारी
- दिशा शूल: उत्तर दिशा में
- चंद्र वास: पूर्व दिशा
- राहु वास: दक्षिण-पश्चिम दिशा
- अग्निवास: शाम 07:01 बजे तक पाताल, बाद में पृथ्वी
- शिववास: शाम 07:01 बजे तक भोजन में, बाद में श्मशान
- भद्रावास: पाताल में
आज का दिन मूल नक्षत्र और गण्ड मूल दोष के कारण कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह देता है। विशेष रूप से शुभ कार्यों को भद्रा काल से बचाकर करना उचित रहेगा। हालांकि विजय मुहूर्त जैसे समय आपके महत्वपूर्ण कार्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
(नोट: यह पंचांग वैदिक ज्योतिष पर आधारित है, स्थान विशेष के अनुसार समय में आंशिक परिवर्तन संभव है।)
