भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण भर नहीं है, बल्कि यह जीवन को संतुलित, सुव्यवस्थित और शुभ दिशा देने का एक वैज्ञानिक व आध्यात्मिक आधार भी है। दैनिक कार्यों से लेकर विशेष अनुष्ठानों तक, पंचांग का महत्व अत्यंत व्यापक है। आज 02 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन कई शुभ योगों और महत्वपूर्ण समय खंडों के साथ विशेष फलदायी माना जा रहा है।
तिथि व संवत
आज चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि प्रातः 06 बजकर 28 मिनट तक रहेगी, इसके उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा।
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
सूर्योदय व सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः 05:39 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:00 बजे
नक्षत्र, योग व करण
- नक्षत्र: हस्त (सायं 04:31 बजे तक), उसके बाद चित्रा
- योग: ध्रुव (दोपहर 01:31 बजे तक), उसके बाद व्याघात
- करण: बव, उसके बाद बालव
दिन का चौघड़िया (शुभ-अशुभ समय)
- शुभ (उत्तम): 05:39 – 07:11
- रोग (अशुभ): 07:11 – 08:44
- उद्वेग (अशुभ): 08:44 – 10:16
- चर (सामान्य): 10:16 – 11:49
- लाभ (उन्नति): 11:49 – 01:21
- अमृत (सर्वोत्तम): 01:21 – 02:54
- काल (हानि): 02:54 – 04:27
- शुभ (उत्तम): 04:27 – 06:00
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:44 से 12:33
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:10 से 04:54
- अमृत सिद्धि योग: प्रातः 05:39 से सायं 06:14 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 05:39 से सायं 06:14 तक
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00
- यमगण्ड: प्रातः 06:00 से 07:30
- गुलिक काल: प्रातः 09:00 से 10:30
- दिशाशूल: दक्षिण दिशा (उपाय: दही या जीरा खाकर यात्रा करें)
विशेष टिप्पणी
आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा सकता है, क्योंकि अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे अत्यंत लाभकारी योग पूरे दिन प्रभावी रहेंगे। ऐसे योगों में आरंभ किए गए कार्य सफलता और समृद्धि प्रदान करते हैं। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना उचित रहेगा। 02 अप्रैल 2026 का यह पंचांग न केवल समय की सटीक जानकारी देता है, बल्कि यह दिनभर के कार्यों को सही दिशा में संचालित करने का मार्गदर्शन भी करता है। शुभ योगों का लाभ उठाते हुए और अशुभ समय से बचते हुए, आज का दिन सफलता और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाया जा सकता है।
