चैत्र मास के शुक्ल पक्ष का यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज दशमी तिथि के साथ दिन की शुरुआत हो रही है, जो प्रातः समाप्त होकर एकादशी तिथि में प्रवेश कर जाएगी। एकादशी का आगमन भक्ति, व्रत और आत्मशुद्धि का संदेश लेकर आता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार दिन में शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के योग बन रहे हैं, ऐसे में कार्यों की योजना सोच-समझकर करना लाभकारी रहेगा।
तिथि, वार एवं संवत
आज चैत्र शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि प्रातः 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
वार: शनिवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:04 बजे
नक्षत्र, योग एवं करण
आज पुष्य नक्षत्र दोपहर 04:01 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग की बात करें तो सुकर्मा योग रात्रि 09:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद धृति योग प्रभावी होगा।
करण में गर के बाद वव करण का संयोग बनेगा।
दिन का चौघड़िया (शुभ-अशुभ समय)
- काल (हानि): 05:45 AM – 07:17 AM
- शुभ (उत्तम): 07:17 AM – 08:49 AM
- रोग (अशुभ): 08:49 AM – 10:21 AM
- उद्वेग (अशुभ): 10:21 AM – 11:53 AM
- चर (सामान्य): 11:53 AM – 01:25 PM
- लाभ (उन्नति): 01:25 PM – 02:57 PM
- अमृत (सर्वोत्तम): 02:57 PM – 04:28 PM
- काल (हानि): 04:28 PM – 06:04 PM
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:29 AM – 12:16 PM
विजय मुहूर्त: 01:53 PM – 02:40 PM
अशुभ समय और सावधानियां
राहुकाल: 08:49 AM – 10:21 AM
यमगण्ड: 01:25 PM – 02:57 PM
गुलिक काल: 05:45 AM – 07:17 AM
दिशाशूल: पूर्व दिशा में यात्रा से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो अदरक या उड़द का सेवन कर निकलना शुभ रहेगा।
भद्रा का समय
भद्रा आरंभ: 28 मार्च 2026, शनिवार को रात्रि 08:13 बजे
भद्रा समाप्त: 29 मार्च 2026, रविवार को प्रातः 07:46 बजे
आज का दिन आध्यात्मिक साधना और संयम के लिए उपयुक्त है। एकादशी के प्रभाव से धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना ही बेहतर रहेगा। सही मुहूर्त का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम प्रदान करेंगे।
