आबिद हुसैन हापुड़। जिला और शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष विक्की शर्मा और कोषाध्यक्ष भरत लाल शर्मा को पदमुक्त करने की घोषणा की गई। दोनों नेताओं का कहना है कि यूजीसी बिल के खिलाफ स्वर्ण समाज के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कारण शहर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष ने यह कदम उठाया। पदमुक्ति का कारण: यूजीसी विरोध या पार्टी कार्यक्रम का बहिष्कार? विक्की शर्मा और भरत लाल शर्मा ने तेईस जनवरी को यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया, लेकिन जिला कांग्रेस के मनरेगा कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
शहर अध्यक्ष इरफान कुरैशी ने कहा कि मतभेद होने पर बातचीत से सुलझा सकते थे, जबकि जिला अध्यक्ष राकेश कुमार त्यागी ने पत्र में यूजीसी समर्थन का संकेत दिया। दोनों अध्यक्षों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे विरोध पर 6 साल के लिए निष्कासन हो सकता है। पदाधिकारियों का पलटवार: प्रदेश नेतृत्व का हवाला विक्की शर्मा ने लखनऊ में ब्राह्मण समाज के यूजीसी विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया, जिसमें यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय शामिल थे। दोनों ने सवाल उठाया कि क्या इन्हें भी पार्टी से निकाला जाएगा। उन्होंने शहर अध्यक्ष को ओवैसी की पार्टी से जुड़ा बताते हुए 25 साल पुराने कार्यकर्ताओं के अपमान का आरोप लगाया। हाईकमान तक पहुंची शिकायत, इस्तीफों की आशंका दोनों पदाधिकारियों ने हाईकमान को रिपोर्ट सौंप दी है और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई है। आने वाले दिनों में कई पदाधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं, अगर दोनों की वापसी न हुई।जिला अध्यक्ष त्यागी से संपर्क की कोशिश हुई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। यह घटना कांग्रेस में जातिगत और वैचारिक टकराव को उजागर करती है, जहां यूजीसी जैसे मुद्दे संगठन की एकता को चुनौती दे रहे हैं।
