भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण भर नहीं है, बल्कि यह जीवन की दैनिक गतिविधियों को शुभ-अशुभ समय के अनुसार व्यवस्थित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। विवाह, यात्रा, व्रत, पूजन या किसी भी मांगलिक कार्य के लिए पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। 15 मार्च 2026, रविवार के दिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। आज पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पापों से मुक्ति देने वाला व्रत माना जाता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
तिथि, वार और पक्ष
आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 09:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज रविवार का दिन है और श्रद्धालु पापमोचनी एकादशी का व्रत रखेंगे।
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र के अनुसार श्रवण नक्षत्र 16 मार्च को सुबह 05:56 बजे तक रहेगा, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग की बात करें तो परिघ योग सुबह 10:25 बजे तक रहेगा। इसके बाद शिव योग प्रभावी हो जाएगा, जिसे शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
करण के अनुसार बालव करण सुबह 09:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण रात 09:33 बजे तक रहेगा और फिर तैतिल करण प्रारंभ होगा।
ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
आज चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे और श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। सूर्य देव मीन राशि में स्थित हैं और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं।
श्रवण नक्षत्र के चरण इस प्रकार रहेंगे:
- प्रथम चरण: सुबह 11:09 बजे तक
- द्वितीय चरण: शाम 05:27 बजे तक
- तृतीय चरण: रात 11:43 बजे तक
- चतुर्थ चरण: 16 मार्च को सुबह 05:56 बजे तक इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रथम चरण प्रारंभ होगा।
- सूर्योदय: प्रातः 06:31 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:29 बजे
- चंद्रोदय: 16 मार्च को रात्रि 04:47 बजे
- चंद्रास्त: दोपहर 02:53 बजे।
आज का दिनमान 11 घंटे 58 मिनट 15 सेकंड तथा रात्रिमान 12 घंटे 00 मिनट 35 सेकंड रहेगा।
मध्याह्न काल दोपहर 12:30 बजे होगा।
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:55 बजे से 05:43 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:19 बजे से 06:31 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:18 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:27 बजे से 06:51 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:29 बजे से 07:41 बजे तक
- अमृत काल: शाम 07:03 बजे से 08:43 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 16 मार्च को रात्रि 12:06 बजे से 12:54 बजे तक
- द्विपुष्कर योग: 16 मार्च को सुबह 05:56 बजे से 06:30 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: शाम 05:00 बजे से 06:29 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:30 बजे से 02:00 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 03:30 बजे से 05:00 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 09:00 बजे से 10:40 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 04:54 बजे से 05:41 बजे तक। बाण के अनुसार मृत्यु बाण 16 मार्च को रात्रि 01:13 बजे से पूरी रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
दिशाशूल और अन्य ज्योतिषीय संकेत
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा में रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना शुभ माना जाता है।
- अग्निवास: सुबह 09:16 बजे तक पृथ्वी में, इसके बाद आकाश में माना जाएगा।
- चन्द्र वास: दक्षिण दिशा में रहेगा।
- राहु वास: उत्तर दिशा में रहेगा।
- शिववास: सुबह 09:16 बजे तक कैलाश पर, इसके बाद नंदी पर माना जाएगा।
