आबिद हुसैन, हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना सिंभावली क्षेत्र के ग्राम पीर नगर में सैनी बस्ती के पास स्थित टायर फैक्ट्री से फैल रहे घातक प्रदूषण ने ग्रामीणों की जिंदगी दांव पर ला दी है। फैक्ट्री टायर जलाकर काला तेल निकाल रही है, जिससे निकलने वाला काला धुआं हवाओं के साथ पूरे इलाके में फैल रहा है। ग्रामीणों को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं हो रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, टायर जलाने से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंजीन और अन्य विषैले रसायन फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, जो कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।प्रदूषण का व्यापक असर: मंदिर, कावड़ मार्ग और भूजल पर खतराफैक्ट्री का चौराहा चार गांवों—पीर नगर सहित अन्य—को जोड़ता है और लाखों कावड़िए श्रावण मास में इसी रास्ते से गुजरते हैं। 100 मीटर की दायरे में दो मंदिर होने से पूजा-अर्चना के दौरान धुआं मंदिरों तक पहुंच जाता है, जिससे धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। सुबह-शाम हवाओं के साथ धुआं गांवों में घुस जाता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। फैक्ट्री में बोरवेल से गंदा, रसायनयुक्त पानी सीधे जमीन में छोड़ा जा रहा है, जो भूजल को दूषित कर रहा है। इससे पीने के पानी में विषैले तत्व मिलने का खतरा है, जो त्वचा रोगों और पाचन संबंधी बीमारियों को जन्म दे सकता है। ऊंची हाईटेंशन लाइन के पास बनी फैक्ट्री की चिमनी से लगातार धुआं उगल रही है, जो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को खतरनाक स्तर पर ले जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के खेतों की फसलें भी सूख रही हैं और पशुओं में सांस की तकलीफ देखी जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि यह फैक्ट्री प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना एनओसी के चल रही है। खसरा नंबर 66 पर 2.740 हेक्टेयर भूमि पर बनी यह यूनिट धारा 80 के बिना भी संचालित हो रही है। प्रशासनिक लापरवाही से पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों खतरे में हैं।ग्रामीणों का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन, प्रमुख लोगों की उपस्थितिग्रामीणों ने हापुड़ डीएम अभिषेक पांडेय को ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री की तत्काल बंदी, एनओसी जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। आज बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। मौके पर पिंटू प्रधानजी, मोनू, प्रवीण, धर्मपाल, नानक, कल्लू महरी, सफर, अनिल, शोकत, राजवीर, रत्नवर, लोकेश, प्रेमाराजति, तन्भ, आजाद, कालू, मनोज, रामे, सोनू, विजय, रेजिय, राजेन्द्र, मुरादी, शकील आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
