घर वापसी' का स्वागत: पूर्व जिलाध्यक्ष साबिर कस्सार बोले- तन-मन-धन से मजलिस को समर्पित, हापुड़ में नई ऊर्जा का संचार

 आबिद हुसैन हापुड़। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब पूर्व जिलाध्यक्ष साबिर कस्सार ने बुधवार को 'घर वापसी' करते हुए पार्टी में दोबारा शामिल हो गए। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और हापुड़ जनपद में इसकी जड़ें गहराने का संकल्प लिया। यह वापसी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि साबिर कस्सार लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता के रूप में जाने जाते हैं।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मेहताब चौहान, वरिष्ठ पदाधिकारी मो. इकबाल सहित पार्टी के अन्य उच्च पदाधिकारियों ने साबिर कस्सार का बुक्का देकर पारंपरिक गर्मजोशी से स्वागत किया। मुलाकात स्थल पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा और नारों व तालियों से माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। वरिष्ठ नेताओं ने उनके पिछले योगदान—जैसे ग्रामीण इलाकों में पार्टी का विस्तार और जनसंपर्क अभियान—की खुलकर सराहना की।प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा, "साबिर भाई की वापसी से हापुड़ में मजलिस की ताकत दोगुनी हो जाएगी। वे एक ऐसे नेता हैं जो जनता की नब्ज पकड़ते हैं।"साबिर कस्सार का विस्तृत बयान पूर्व जिलाध्यक्ष साबिर कस्सार ने इस मौके पर भावुक होकर कहा, "मैं अपने तमाम उच्च पदाधिकारियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। इंशाल्लाह, मैं मजलिस के लिए अपने तन, मन और धन से 24 घंटे समर्पित रहूंगा। मजलिस के झंडे को बुलंद करने और पार्टी के संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा।"उन्होंने आगे जोड़ा, "एआईएमआईएम एक ऐसी पार्टी है जो मजलूमों, गरीबों और दबे-कुचले वर्ग की आवाज़ बनकर उभरी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने देश में जो राजनीतिक अलख जगाई है, वह हर एक जागरूक नागरिक को प्रेरणा देती है। मैं प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में जनहित के मुद्दों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और अल्पसंख्यक अधिकार—को मजबूती से उठाऊंगा। हापुड़ जनपद में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जनता से सीधा जुड़ाव बनाऊंगा। साबिर कस्सार ने अपनी वापसी के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि वे हमेशा से मजलिस के मूल्यों से जुड़े रहे हैं और बाहरी राजनीतिक दबावों के बावजूद पार्टी के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सभी मिलकर आगामी चुनावों में मजलिस को मजबूत बनाएं। नेताओं व कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियापार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एकस्वर में कहा कि साबिर कस्सार के दोबारा शामिल होने से संगठन को निश्चित बल मिलेगा। पश्चिमी यूपी अध्यक्ष मेहताब चौहान ने टिप्पणी की, "उनकी सक्रियता और लोकप्रियता हापुड़ में पार्टी को नई दिशा देगी।"कार्यकर्ताओं ने भी खुशी जताई। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा, "साबिर भाई का अनुभव हमें जीत की राह दिखाएगा।" यह घटना एआईएमआईएम के लिए उत्तर प्रदेश में विस्तार की नई उम्मीद जगाती दिख रही है, खासकर हापुड़ जैसे संवेदनशील जिलों में।

Post a Comment

Previous Post Next Post