स्कूल में बच्चों के हाथों में किताबें नहीं, झाड़ू थमाईं

आबिद हुसैन, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नैनापुर गढ़ावली में अध्यापकों ने सरकारी स्कूल के बच्चों को सफाई का काम सौंप दिया। किताबों के बजाय बच्चों के हाथों में झाड़ू थमा दी गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह मामला शिक्षा के मंदिर में बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा कर रहा है। जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे से इस घटना पर टिप्पणी की मांग की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि जांच के आदेश दिए गए हैं।

बच्चों के भविष्य पर सवाल?

आरोप है कि अध्यापक खुद स्कूल नहीं आते और बच्चों से सफाई करवाते हैं। अभिभावक नाराज हैं- "हमारे बच्चे पढ़ने आते हैं, झाड़ू लगाने नहीं।" यह (राइट टू एजुकेशन) एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है, जहां 6-14 साल के हर बच्चे को मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है। 

सरकार की शिक्षा नीतियां व खर्च

योगी सरकार ने शिक्षा पर भारी निवेश किया है। बजट 2025-26 में शिक्षा क्षेत्र को एक लाख करोड़ से अधिक आवंटित किया गया, जिसमें राइट टू एजुकेशन के तहत दो करोड़ से ज्यादा बच्चों का दाखिला हो चुका है। डिजिटल क्लासरूम, स्मार्टफोन वितरण और शिक्षक प्रशिक्षण जैसी योजनाओं से उपलब्धियां हासिल हुई हैं। फिर भी, ऐसी घटनाएं जमीनी स्तर पर लापरवाही उजागर करती हैं। जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।

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