टीबी उन्मूलन में शालोम ट्रस्ट का सराहनीय योगदान

आबिद हुसैन, हापुड़। क्षय उन्मूलन अभियान को मजबूती देने के लिए शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ रोड (सरकारी अस्पताल) में आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट ने 50 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की। यह पहल जिला अधिकारी श्री अभिषेक पांडे के नेतृत्व में चलाए जा रहे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, जो भारत सरकार की 'निकट TB मुक्त भारत' पहल से प्रेरित है।

कार्यक्रम की शुरुआत में शालोम ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अजीत सिंह ने रोगियों को संबोधित करते हुए कहा, "टीबी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो इंसान को हरा दे। यह पूरी तरह इलाज योग्य है, बशर्ते सही समय पर दवाई ली जाए और पौष्टिक आहार ग्रहण किया जाए। हमारा ट्रस्ट ऐसे ही प्रयासों से समाज को स्वस्थ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने रोगियों को नियमित जांच और दवा सेवन की सलाह दी, साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। श्री सिंह ने बताया कि ट्रस्ट ने हाल ही में जिले के विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर भी लगाए हैं, जहां सैकड़ों लोगों को टीबी के खतरे से अवगत कराया गया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल गौतम ने रोगियों को टीबी के लक्षणों, उपचार प्रक्रिया और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, "टीबी के मुख्य लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना शामिल हैं। सही समय पर इलाज शुरू करने से 95 प्रतिशत से अधिक मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। शालोम ट्रस्ट द्वारा वितरित पोषण पोटली में दूध पाउडर, दालें, चावल, तेल और विटामिन सप्लीमेंट्स हैं, जो रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगे।" डॉ. गौतम ने यह भी बताया कि अस्पताल में टीबी मरीजों के लिए मुफ्त दवाएं और फॉलो-अप जांच उपलब्ध हैं, तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करने की सलाह दी।कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "ऐसे सामुदायिक भागीदारी से हम 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। ट्रस्ट का यह सहयोग सराहनीय है।" जिला पीओपीआईएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी और राजकुमार सिंह ने रोगियों को डिजिटल ट्रैकिंग ऐप 'निकष्ट' के बारे में बताया, जो दवा सेवन की निगरानी करता है।शालोम चैरिटेबल ट्रस्ट के अन्य सदस्यों कृष्णपाल सिंह, राम सिंह वर्मा, गंगावासी, अमित कुमार, संजू कुमार, महबूब अख्तर, क्षमा सिंह, भारती, प्रीती शर्मा, अनिता सिंह, अर्चना जैन और शालू ने भी कार्यक्रम में योगदान दिया। ट्रस्ट ने संकल्प लिया कि आने वाले महीनों में और अधिक रोगियों को पोषण सहायता प्रदान की जाएगी तथा जागरूकता अभियान को विस्तार दिया जाएगा।यह आयोजन न केवल टीबी रोगियों के लिए आशा की किरण बना, बल्कि स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने का संकल्प भी दोहराया। जिला प्रशासन ने ट्रस्ट के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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