आबिद हुसैन, हापुड़। ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि बड़े उत्साह के साथ मनाई। हापुड़ में आयोजित इस कार्यक्रम में आजाद की वीरता की गाथाओं को याद किया गया। संचालन विकास शर्मा ने किया, जिन्होंने सभी को शहीदों के बलिदान की प्रेरणा देने का संकल्प दिलाया।
चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी थे, जिन्होंने मात्र चौबीस वर्ष की आयु में ब्रिटिश साम्राज्य को ललकारा। उनकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी ( एच एस आर ए ) के संस्थापक सदस्य: पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के साथ मिलकर काकोरी कांड में भाग लिया, जिसमें सरकारी खजाने की ट्रेन लूटी गई। कानपुर षड्यंत्र केस में सजा झेली: केवल पंद्रह वर्ष की उम्र में गिरफ्तार होकर पंद्रह कोड़े की सजा भुगती, लेकिन 'आजाद' बनकर कभी झुके नहीं। लाहौर षड्यंत्र केस और सांडर्स हत्याकांड: लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक जे.पी. सांडर्स की हत्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असमझेदार निष्ठा: भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे साथियों को प्रेरित किया और काकोरी षड्यंत्र केस में फांसी की सजा कटवाई।नानकचंद शर्मा ने अपने भावुक उद्बोधन में कहा, "जब अंग्रेजों से चंद्रशेखर आजाद लोहा ले रहे थे, उन्होंने संकल्प लिया था कि मैं अंग्रेजों के हाथ में नहीं आऊंगा। अगर हाथ में आऊंगा तो मेरा मारवा शरीर ही हाथ में आएगा। उन्होंने हंसते-हंसते सत्ताईस फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त की। ऐसी महान चंद्रशेखर आजाद की हम पुण्यतिथि मना रहे हैं। उनके बलिदान से हमें प्रेरणा मिलती है।"विकास शर्मा ने कहा, "चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों के बलिदान से ही हमें आजादी नसीब हुई। हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र सेवा करनी चाहिए। यह कार्यक्रम हमें उनकी शहादत की याद दिलाता है और युवाओं को क्रांतिकारी भावना से ओजस्वी बनाता है।"कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को नमन किया गया। उपस्थित लोगों में पुनीत शर्मा, बॉबी पाठक, विक्की शर्मा, वेद करुणा शर्मा, भरत लाल शर्मा, अमरनाथ शर्मा, बृजभूषण पाराशर, अजय शर्मा आदि प्रमुख थे। सभी ने आजाद के जीवन पर चर्चा की और राष्ट्रभक्ति के गीत गाए।
