हिंदू पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और शनिवार का पावन संयोग है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों, मांगलिक कार्यों और नए संकल्पों की शुरुआत के लिए शुभ फलदायी माना जा रहा है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है, अतः आज विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा-अर्चना करने से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है।
आज चंद्रमा शाम तक मीन राशि में रहकर रेवती नक्षत्र में संचरण करेंगे, तत्पश्चात मेष राशि में प्रवेश कर अश्विनी नक्षत्र में विचरण करेंगे। सूर्य देव वर्तमान में कुंभ राशि में स्थित हैं। शुभ योग की उपस्थिति आज के दिन को और अधिक मंगलकारी बना रही है।
तिथि एवं वार
- तिथि – शुक्ल चतुर्थी दोपहर 01:00 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी आरंभ
- पक्ष – शुक्ल पक्ष
- वार – शनिवार
नक्षत्र एवं योग
- नक्षत्र – रेवती सायं 07:07 बजे तक, इसके बाद अश्विनी
- योग – शुभ योग दोपहर 03:51 बजे तक, तत्पश्चात शुक्ल योग
- करण –
- विष्टि – दोपहर 01:00 बजे तक
- बव – रात्रि 12:06 बजे (22 फरवरी) तक
- तत्पश्चात बालव
ग्रह स्थिति
- चंद्र राशि – मीन सायं 07:07 बजे तक, फिर मेष
- सूर्य राशि – कुंभ
सूर्योदय एवं चंद्रमा संबंधी समय
- सूर्योदय – प्रातः 06:54 बजे
- सूर्यास्त – सायं 06:15 बजे
- चंद्रोदय – प्रातः 08:56 बजे
- चंद्रास्त – रात्रि 10:16 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:12 से 12:58 तक
- अमृत काल – सायं 04:49 से 06:21 तक
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:13 से 06:03 तक
- गोधूलि मुहूर्त – सायं 06:13 से 06:38 तक
आज विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्य सिद्धि प्रदान कर सकते हैं।
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – प्रातः 09:45 से 11:10 तक
- गुलिकाल – प्रातः 06:54 से 08:19 तक
- यमगण्ड – दोपहर 02:00 से 03:25 तक
- दुर्मुहूर्त – 06:54 से 07:39 तथा 07:39 से 08:25 तक। राहुकाल एवं यमगण्ड में महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से परहेज करना श्रेयस्कर रहेगा।
दिन का चौघड़िया
- शुभ – 08:19 से 09:44
- चर – 12:34 से 02:00
- लाभ – 02:00 से 03:25
- अमृत – 03:25 से 04:50
रात्रि का चौघड़िया
- शुभ – 09:25 से 10:59
- अमृत – 10:59 से 12:34 (22 फरवरी)
- चर – 12:34 से 02:09 (22 फरवरी)
- लाभ – 05:18 से 06:53 (22 फरवरी)
दिशा शूल
- पूर्व दिशा
पूर्व दिशा की यात्रा करने से पूर्व आवश्यक सावधानी बरतें या शुभ मंत्रों का जाप करें। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की आराधना अत्यंत फलदायी मानी गई है। आज के दिन व्रत, गणेश स्तुति एवं “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करने से विघ्नों का नाश और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
आज का शुभ योग और अनुकूल ग्रह स्थिति जीवन में नए अवसर प्रदान कर सकती है। धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच के साथ किए गए प्रयास निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाएंगे।
