हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार का दिन के साथ भगवान शिव परम प्रिय दिन आज सोमवती अमावस्या है श्रद्धालुओं और पाठकों के लिए दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, राहुकाल, चौघड़िया तथा विशेष योगों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्योदय से रात्रि 8:48 बजे तक सर्वार्थसिद्धि योग का शुभ संयोग बना हुआ है, जो नए कार्यों, निवेश, यात्रा और मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। चंद्रमा आज संपूर्ण दिन में स्थित रहेगा, जिससे मानसिक स्थिरता, धैर्य और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी।
संवत एवं काल विवरण
- तिथि – चतुर्दशी सायं 5:35 तक, तत्पश्चात अमावस्या, नक्षत्र – श्रवण रात्रि 8:48 तक, तत्पश्चात धनिष्ठा। योग – वरियान रात्रि 1:50 तक, तत्पश्चात परिघ। करण – शकुनि सायं 5:35 तक, तत्पश्चात चतुष्पद। विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि 8:48 तक।
- विक्रम संवत् – 2082
- संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
- शक संवत् – 1947
- हिजरी सन् – 1447
- मुस्लिम मास – 27 सावान
- अयन – उत्तरायण
- ऋतु – शिशिर ऋतु
- मास – फाल्गुन
- पक्ष – कृष्ण
शुभ चौघड़िया
- अमृत – सूर्योदय से 8:30 तक
- शुभ – 9:54 से 11:17 तक
- चर – 2:05 से 3:28 तक
- लाभ – 3:28 से सूर्यास्त तक
- अमृत – सूर्यास्त तक। इन समयों में शुभ कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं।
आज के शुभ समय : ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:16 बजे से 06:08 बजे तक। प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:42 बजे से 06:59 बजे तक। अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक। विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 बजे से 03:12 बजे तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:09 बजे से 06:35 बजे तक। सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:12 बजे से 07:28 बजे तक। अमृत काल: सुबह 09:58 बजे से 11:38 बजे तक। निशिता मुहूर्त: 17 फरवरी की रात 12:09 बजे से 01:00 बजे तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:59 बजे से शाम 08:47 बजे तक।
आज का अशुभ समय : राहुकाल: सुबह 08:10 बजे से 09:10 बजे तक। यमगण्ड: सुबह 11:11 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक। गुलिक काल: दोपहर 01:59 बजे से 03:24 बजे तक। आडल योग: सुबह 06:59 बजे से शाम 08:47 बजे तक। दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:58 बजे से 01:43 बजे तक।
दिशा शूल : आज पूर्व दिशा में दिशा शूल है। यदि पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो प्रस्थान से पूर्व दूध पीकर या दही-गुड़ का सेवन कर शुभ शगुन लेकर निकलें।
राहुकाल : प्रातः 8 :10 से 9:10 बजे तक। राहुकाल में शुभ कार्य आरंभ न करें। अत्यावश्यक होने पर सूर्योदय के समय सूर्य दर्शन कर कार्य प्रारंभ करें।
(नोट: पंचांग संबंधी निर्णय लेते समय स्थानीय सूर्योदय और स्थान विशेष के अनुसार समय में अंतर संभव है।)
