आषाढ़ मास की पूर्णिमा केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। आज चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ आकाश को आलोकित करेगा और श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, विश्वास तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। गुरु पूर्णिमा के पावन प्रभाव से युक्त यह दिन गुरु-पूजन, दान, जप, तप, ध्यान और सत्कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के संयोग के साथ आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पारिवारिक मंगल कार्यों तथा शुभ संकल्पों के लिए विशेष फलदायी रहेगा।
पंचांग 29 जुलाई 2026 (बुधवार)
तिथि: पूर्णिमा रात्रि 08:02 बजे तक, इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा।
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: बुधवार
मास: आषाढ़
विक्रमी संवत्: 2083
नक्षत्र एवं योग : श्रवण नक्षत्र: शाम 04:32 बजे तक, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र।
योग: आयुष्मान योग रात्रि 02:11 बजे (30 जुलाई) तक, इसके बाद सौभाग्य योग।
करण: बालव करण: सुबह 08:21 बजे तक। इसके बाद कौलव करण: शाम 07:14 बजे तक तत्पश्चात तैतिल करण।
सूर्य एवं चंद्रमा
सूर्योदय: सुबह 05:43 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:10 बजे
चंद्रोदय: शाम 07:16 बजे
चंद्रास्त: सुबह 05:06 बजे (30 जुलाई)
राशियाँ: चंद्र राशि: मकर राशि में रात्रि 04:51 बजे (30 जुलाई) तक, इसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश। सूर्य राशि: कर्क राशि
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 बजे से 05:00 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 07:44 बजे से 09:19 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 बजे से 03:38 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:01 बजे से 07:13 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: बुधवार होने के कारण मान्य नहीं।
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:27 बजे से 02:07 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।
यमगण्ड: सुबह 07:25 बजे से 09:05 बजे तक।
दिशाशूल: उत्तर दिशा में ।
दिन का चौघड़िया
लाभ: सुबह 05:43 बजे से 07:24 बजे तक।
अमृत: सुबह 07:24 बजे से 09:04 बजे तक।
काल: सुबह 09:04 बजे से 10:45 बजे तक।
शुभ: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक।
रोग: दोपहर 12:26 बजे से 02:06 बजे तक।
उद्वेग: दोपहर 02:06 बजे से 03:47 बजे तक।
चर: दोपहर 03:47 बजे से शाम 05:28 बजे तक।
लाभ: शाम 05:28 बजे से 07:08 बजे तक।
रात्रि का चौघड़िया
उद्वेग: शाम 07:08 बजे से 08:28 बजे तक।
शुभ: रात्रि 08:28 बजे से 09:47 बजे तक।
अमृत: रात्रि 09:47 बजे से 11:06 बजे तक।
चर: रात्रि 11:06 बजे से 12:26 बजे (30 जुलाई) तक।
रोग: रात्रि 12:26 बजे से 01:45 बजे (30 जुलाई) तक।
काल: रात्रि 01:45 बजे से 03:05 बजे (30 जुलाई) तक।
लाभ: रात्रि 03:05 बजे से 04:24 बजे (30 जुलाई) तक।
उद्वेग: रात्रि 04:24 बजे से सुबह 05:44 बजे (30 जुलाई) तक।
आज का विशेष : पूर्णिमा का यह पावन दिवस गुरु के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के प्रति समर्पण और आत्मिक उन्नति का संदेश देता है। आज किए गए जप, तप, दान, गुरु-पूजन और सत्कर्मों का विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। श्रद्धा, संयम और सकारात्मक विचारों के साथ दिन का आरंभ करना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
