हापुड़। उत्तर प्रदेश शासन के सख्त निर्देशों का अनुपालन करते हुए जनपद में टीबी और कैंसर जैसी घातक बीमारियों के खिलाफ बड़ा युद्ध छेड़ा गया है। जिलाधिकारी श्री अभिषेक पांडेय के सशक्त नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार त्यागी के कुशल मार्गदर्शन में 6 फरवरी से 28 फरवरी तक कुल 100 से अधिक संयुक्त स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
यह अभियान ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में फैलकर लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएगा।प्रथम शिविर का धमाकेदार शुभारंभ आज जिला संयुक्त चिकित्सालय, दस्तोई रोड परिसर में हुआ। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हेमलता सिंह के दिशा-निर्देश में आयोजित इस शिविर में सैकड़ों मरीजों ने भाग लिया। उपजिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा और डॉ. चेतना शर्मा ने सभी उपस्थित मरीजों की विस्तृत स्क्रीनिंग की, जिसमें टीबी के संदिग्ध मामलों की जांच के साथ ही कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की तलाश पर विशेष ध्यान दिया गया।शिविर में जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी ने मरीजों और उनके तिमारदारों को विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने बताया कि टीबी के प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना और रक्तस्राव शामिल हैं, जबकि कैंसर के शुरुआती संकेत जैसे गांठें, असामान्य रक्तस्राव या लगातार दर्द नजरअंदाज नहीं किए जाने चाहिए। उपचार में समय पर जांच और दवाओं का महत्व बताते हुए उन्होंने सावधानियां भी साझा कीं, जैसे स्वच्छता, पौष्टिक आहार और धूम्रपान से परहेज।
कार्यक्रम में क्षय रोग विभाग से दीपक कुमार, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक हरीश चंद, टीबी-एचआईवी विशेषज्ञ तथा एनसीडी विभाग से काउंसलर ऊषा गुप्ता, जितेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी श्री पांडेय ने निर्देश दिए हैं कि सभी शिविरों में मुफ्त जांच, दवाएं और परामर्श उपलब्ध कराया जाए। आगामी शिविर ग्राम पंचायतों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों पर लगेंगे, जिससे जनपद स्तर पर बीमारी नियंत्रण में क्रांति आएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह अभियान राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और कैंसर नियंत्रण नीति का हिस्सा है, जो प्रारंभिक चरण में ही बीमारियों का पता लगाकर जानें बचा सकता है। जनसामान्य से अपील की गई है कि वे नजदीकी शिविरों में अवश्य पहुंचें।
