कुलदीप कौर ने बड़ागुढ़ा बीईओ कार्यालय में संभाला कार्यभार

 सिरसा कालांवाली (हरविन्द्र सिंह गिल) । शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए, कुलदीप कौर ने बड़ागुढ़ा के खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में पदोन्नति के बाद गुरुवार को बड़ागुढ़ा बीईओ कार्यालय में कार्यभार संभाल लिया, जो प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अपनी अद्वितीय प्रतिभा और अटूट समर्पण के साथ, कुलदीप कौर ने हाल ही में पदोन्नति प्राप्त कर खंड बड़ागुढ़ा के खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में अपनी नई भूमिका में प्रवेश किया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।

 उन्होंने कहा कि उनके कार्य क्षेत्र के स्कूलों में समय-समय पर जाकर निरीक्षण करने के साथ-साथ वहां की समस्याएं और स्कूल स्टाफ, बच्चों, स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत आदि गणमान्य लोगों से मिलकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षा के स्तर को और ऊंचाई पर उठाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी। 

उल्लेखनीय है कि बड़ागुढ़ा बीईओ मनीषा नी दीपा की सेवा निवृत्ति के बाद राजकीय विद्यालय फग्गू के प्राचार्य राजकुमार को बड़ागुढ़ा बीईओ कार्यालय में अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। जिसके बाद अब बड़ागुढ़ा बीईओ कार्यालय में कुलदीप कौर ने अपना पद ग्रहण कर लिया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। बड़ागुढ़ा बीईओ कुलदीप कौर ने बताया कि उनकी शैक्षिक यात्रा 1993 में नवोदय विद्यालय जैसलमेर से टीजीटी अंग्रेजी के पद से शुरू हुई थी, जो उनके ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। इसके बाद उन्होंने नवोदय विद्यालय औढ़ां और वर्ष 2002 में चोरमार खेड़ा में मुख्याध्यापिका के रूप में अपनी सेवाएं दीं, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को और मजबूती मिली। 

अब पदोन्नति के बाद, उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी बड़ागुढ़ा के पद पर कार्य ग्रहण किया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।

 इस अवसर पर कार्यालय स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और बधाई दी। साथ ही सिरसा जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता सैनी, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी मनीषा दीपा, सीडीपीओ सुदेश, सुखचैन, प्रधानाचार्य जगशरण सिंह, साहुवाला प्रथम प्राचार्य सूरज भान, सरपंच प्रतिनिधि साधा सिंह सहित गांव के गणमान्य लोग व बड़ागुढ़ा प्राचार्य ईश्वर सिंह डूडी, मुकेश कुमार, राजकीय विद्यालय फरवाईं कलां के स्टाफ सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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