पंचांग के अनुसार आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इसी के साथ आज से माघ गुप्त नवरात्रि का पावन आरंभ हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्रि साधना, तप और सिद्धि के लिए विशेष मानी जाती है। आज का दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी बताया गया है।
आज प्रतिपदा तिथि अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 14 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ होगा। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, उपरांत श्रवण नक्षत्र आरंभ होगा। वज्र योग रात्रि 08 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग का निर्माण होगा। किंस्तुघ्न करण दिन में 01 बजकर 05 मिनट तक रहेगा, फिर बालव करण लगेगा। चंद्रमा दिन-रात कुंभ राशि में संचार करेगा।
आज माघ गुप्त नवरात्रि के साथ इष्टि, सर्वार्थ सिद्धि योग, आडल योग और विडाल योग भी बन रहे हैं। उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का संयोग भी आज विशेष महत्व रखता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय : सुबह 07 बजकर 14 मिनट
सूर्यास्त : शाम 05 बजकर 49 मिनट
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 49 मिनट तक।
निशीथ काल : रात 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।
गोधूलि बेला : शाम 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक।
घटस्थापना का मुहूर्त
आज सुबह 07 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक घटस्थापना का शुभ समय रहेगा।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक
यमगंड : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक
गुलिक काल : दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक
दुर्मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 41 मिनट से 01 बजकर 24 मिनट तक
वर्ज्यम् : शाम 04 बजकर 04 मिनट से 05 बजकर 45 मिनट तक।
आज का संवत और ऋतु
विक्रम संवत : 2082, कालयुक्त
शक संवत : 1947, विश्वावसु
ऋतु : शिशिर
मास : माघ (पूर्णिमांत एवं अमांत)
आज का नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र : उत्तराषाढ़ा (11:52 पूर्वाह्न तक), श्रवण
योग : वज्र, सिद्धि
करण : किंस्तुघ्न, बव, बालव
व्रत और त्योहार : माघ गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना
दिशाशूल : आज पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। अत्यंत आवश्यक होने पर दर्पण देखकर या दूध पीकर यात्रा करने से दोष का निवारण हो जाता है।
आज का दिन साधना, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष शुभ माना गया है।
