आज का पंचांग | 1 जनवरी 2026, गुरुवार नववर्ष का शुभ आरंभ, तीन शुभ संयोगों के साथ

नववर्ष 2026 का आगमन आज अत्यंत शुभ संयोगों के साथ हुआ है। अंग्रेजी कैलेंडर के नए साल के पहले दिन गुरु प्रदोष व्रत, गुरुवार व्रत और भगवान विष्णु पूजा का पावन संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इसके साथ ही रात्रि में रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो कार्यसिद्धि और सफलता का संकेतक है।आज का पंचांग विवरण

  • तिथि: पौष शुक्ल त्रयोदशी – रात 10:22 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
  • नक्षत्र: रोहिणी – रात 10:48 बजे तक, फिर मृगशिरा
  • करण: कौलव – दोपहर 12:05 बजे तक
        तैतिल – रात 10:22 बजे तक
        गर – उसके बाद
  • योग: शुभ – शाम 05:12 बजे तक, इसके बाद शुक्ल
  • पक्ष: शुक्ल
  • वार: गुरुवार
  • चंद्र राशि: वृषभ
  • दिशाशूल: दक्षिण

सूर्य और चंद्र से संबंधित समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:14 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 05:35 बजे
  • चन्द्रोदय: दोपहर 03:14 बजे
  • चन्द्रास्त: सुबह 06:07 बजे (02 जनवरी)

आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:25 एएम से 06:19 एएम
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:04 पीएम से 12:45 पीएम
  • विजय मुहूर्त: 02:08 पीएम से 02:50 पीएम
  • अमृत काल: 07:57 पीएम से 09:23 पीएम
  • निशिता मुहूर्त: 11:58 पीएम से 12:52 एएम (02 जनवरी)
  • रवि योग: 10:48 पीएम से 07:14 एएम (02 जनवरी)
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 05:35 पीएम से रात 08:19 पीएम तक

दिन का शुभ चौघड़िया

  • शुभ: 07:14 एएम से 08:32 एएम
  • चर: 11:07 एएम से 12:25 पीएम
  • लाभ: 12:25 पीएम से 01:42 पीएम
  • अमृत: 01:42 पीएम से 03:00 पीएम
  • शुभ: 04:18 पीएम से 05:35 पीएम

रात का शुभ चौघड़िया

  • अमृत: 05:35 पीएम से 07:18 पीएम
  • चर: 07:18 पीएम से 09:00 पीएम
  • लाभ: 12:25 एएम से 02:07 एएम (02 जनवरी)
  • शुभ: 03:50 एएम से 05:32 एएम (02 जनवरी)
  • अमृत: 05:32 एएम से 07:14 एएम (02 जनवरी)

आज के अशुभ समय

  • यमगण्ड: 07:14 एएम से 08:32 एएम
  • गुलिक काल: 09:49 एएम से 11:07 एएम
  • राहुकाल: 01:42 पीएम से 03:00 पीएम
  • दुर्मुहूर्त:
     • 10:41 एएम से 11:23 एएम
     • 02:50 पीएम से 03:31 पीएम

शिववास

  • नंदी पर: रात 10:22 बजे तक
  • भोजन में: उसके बाद

विशेष: नववर्ष के पहले दिन बना यह शुभ संयोग पूजा-पाठ, व्रत, दान, नए कार्यों की शुरुआत और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। आज विधि-विधान से भगवान शिव और विष्णु की आराधना करने से वर्षभर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


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