पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और शुभ कार्यों की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। शक संवत 1947, विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत पौष मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि प्रातः 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। मंगलवार का यह दिन शिशिर ऋतु में सूर्य के उत्तरायण रहने के कारण ऊर्जा और सकारात्मकता का संकेत देता है।
तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति
आज भरणी नक्षत्र 31 दिसंबर की सुबह 3 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र आरंभ होगा। चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में विराजमान रहेगा। योग सिद्ध 31 दिसंबर की रात 1 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, जबकि करण वणिज सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक मान्य रहेगा।
आज का विशेष आकर्षण त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो 31 दिसंबर की सुबह 5 बजे से 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। ये दोनों योग अत्यंत दुर्लभ और शुभ माने जाते हैं, जिनमें किए गए कार्यों में सफलता और स्थायित्व का योग बनता है।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर तथा अस्त 31 दिसंबर की रात 3 बजकर 43 मिनट पर होगा।
आज दिन की अवधि 10 घंटे 20 मिनट 42 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 39 मिनट 34 सेकंड रहेगी।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:51 से 7:13 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:44 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:07 से 2:49 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 से 5:59 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:34 से 6:56 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:35 से 31 दिसंबर सुबह 1:03 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:57 से 31 दिसंबर सुबह 12:51 बजे तक
- त्रिपुष्कर योग व सर्वार्थ सिद्धि योग: 31 दिसंबर सुबह 5:00 से 7:14 बजे तक
- रवि योग: सुबह 7:13 से 31 दिसंबर सुबह 3:58 बजे तक
अशुभ समय और सावधानियां
- राहुकाल: दोपहर 2:59 से 4:17 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:49 से 11:06 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:24 से 1:41 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:18 से 9:59 बजे तक
- वर्ज्य काल: दोपहर 2:49 से 4:17 बजे तक तथा रात 11:02 से 11:57 बजे तक
- भद्रा: शाम 6:28 से 31 दिसंबर सुबह 5:00 बजे तक
- बाण: चोर — रात 9:53 बजे से पूरी रात
- दिशा शूल: उत्तर दिशा में, अतः उत्तर दिशा की यात्रा टालना शुभ रहेगा
विशेष सुझाव
आज के दिन त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण व्यापार, निवेश, गृह प्रवेश, वाहन खरीद और नए कार्यों की शुरुआत अत्यंत फलदायी मानी गई है। वहीं राहुकाल और भद्रा में शुभ कार्यों से परहेज करना उचित रहेगा।
