Aaj ka Panchang आज का पंचांग : 22 दिसंबर 2025, सोमवार

पंचांग के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ आज का दिन धार्मिक-आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त और सूर्य-चंद्र की स्थिति के आधार पर आज का पंचांग दैनिक कार्यों की योजना बनाने में सहायक है। प्रस्तुत है संपूर्ण पंचांग—


आज की तिथि व नक्षत्र

पंचांग के अनुसार आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 10:51 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा।
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 23 दिसंबर की सुबह 5:32 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा।
चंद्रमा धनु राशि में सुबह 10:07 बजे तक रहेगा, इसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेगा।
योग ध्रुव दोपहर 4:41 बजे तक रहेगा।
करण तैतिल रात 11:34 बजे तक प्रभावी रहेगा।


सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्योदय: सुबह 7:10 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:29 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह 9:01 बजे
  • चंद्रास्त: शाम 7:28 बजे

आज दिन की अवधि 10 घंटे 19 मिनट 11 सेकंड तथा रात्रि की अवधि 13 घंटे 41 मिनट 17 सेकंड रहेगी।


संवत एवं मास विवरण

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
  • गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
  • चंद्र मास: पौष (पूर्णिमांत एवं अमान्त)
  • प्रविष्टे/गते: 7

ऋतु एवं अयन

  • द्रिक ऋतु: शिशिर
  • वैदिक ऋतु: हेमंत
  • द्रिक अयन: उत्तरायण
  • वैदिक अयन: दक्षिणायन

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:21 से 6:15 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:48 से 7:10 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: 11:59 से 12:40 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: 2:03 से 2:44 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:27 से 5:54 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:29 से 6:52 बजे तक
  • अमृत काल: रात 10:37 से 23 दिसंबर 12:21 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:53 से 23 दिसंबर 12:47 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग व रवि योग: 23 दिसंबर सुबह 5:32 से 7:11 बजे तक

आज के अशुभ समय

  • राहुकाल: सुबह 8:28 से 9:45 बजे तक
  • यमगण्ड: 11:02 से 12:20 बजे तक
  • गुलिक काल: 1:37 से 2:55 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 7:10 से रात 11:05 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: 12:40 से 1:22 बजे तक
  • वर्ज्य काल: 12:14 से 1:58 बजे तक
  • बाण: चोर – 23 दिसंबर सुबह 1:26 बजे तक तथा दोपहर 2:44 से 3:26 बजे तक

 महत्वपूर्ण योग

  • दिशा शूल: पूर्व दिशा (पूर्व दिशा की यात्रा से बचें)
  • अग्निवास: 10:51 बजे तक आकाश में, तत्पश्चात पाताल में
  • चंद्र वास: सुबह 10:07 बजे तक पूर्व में, फिर दक्षिण में
  • शिववास: 10:51 बजे तक माता गौरी के साथ।

धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा और शुभ कार्यों से पूर्व पंचांग के अनुसार मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।

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