आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष का आरंभ आज प्रतिपदा तिथि से हो रहा है। सोमवार का यह दिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज दिनभर ज्येष्ठा नक्षत्र तथा सिद्ध योग का प्रभाव रहेगा, जिससे पूजा-पाठ, जप-तप और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा। साथ ही गण्डमूल का प्रभाव पूरे दिन रहने से कुछ कार्यों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। चंद्रमा आज वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि सूर्य वृषभ राशि में स्थित रहेंगे।
आज का पंचांग
तिथि : कृष्ण पक्ष प्रतिपदा सायं 4 बजकर 37 मिनट तक, तत्पश्चात द्वितीया तिथि
वार : सोमवार
नक्षत्र : ज्येष्ठा सायं 7 बजकर 08 मिनट तक, उसके बाद मूल नक्षत्र
योग : सिद्ध योग प्रातः 6 बजकर 19 मिनट तक, तत्पश्चात साध्य योग
करण : कौलव सायं 4 बजकर 37 मिनट तक, उसके बाद तैतिल करण
पक्ष : कृष्ण पक्ष
चंद्रमा : वृश्चिक राशि से धनु राशि में
सूर्य : वृषभ राशि में
सूर्योदय एवं चंद्रोदय
सूर्योदय : प्रातः 5 बजकर 24 मिनट
सूर्यास्त : सायं 7 बजकर 14 मिनट
चंद्रोदय : रात्रि 8 बजकर 30 मिनट
चंद्रास्त : प्रातः 5 बजकर 35 मिनट
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4 बजकर 02 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त : पूर्वाह्न 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त : सायं 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।
अमृत काल : प्रातः 9 बजकर 16 मिनट से 11 बजकर 03 मिनट तक।
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11 बजकर 59 मिनट से रात्रि 12 बजकर 39 मिनट तक (2 जून)
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : प्रातः 7 बजकर 08 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक।
यमगण्ड : प्रातः 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक।
गुलिक काल : दोपहर 2 बजकर 03 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट तक।
गण्डमूल : पूरे दिन
दिशाशूल : पूर्व दिशा
विशेष ज्योतिषीय संकेत
शिववास : गौरी के साथ सायं 4 बजकर 37 मिनट तक, तत्पश्चात सभा में।
ज्येष्ठा नक्षत्र और सिद्ध योग का संयोग आध्यात्मिक साधना, मंत्र-जप तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ माना जाता है।
गण्डमूल के प्रभाव के कारण महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास का कृष्ण पक्ष आत्मचिंतन, संयम, दान-पुण्य और ईश्वर आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव एवं विष्णु की पूजा-अर्चना कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
