ओढ़ा (जसपाल सिंह)। ओढ़ा गांव के सबसे बुजुर्ग और पूर्व सरपंच गुरदयाल सिंह मलकाना का मंगलवार को 106 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को उनकी शव यात्रा उनके सबसे छोटे पुत्र रिटायर्ड मास्टर बलदेव सिंह के निवास स्थान से निकाली गई। इस दौरान गुरबाणी कीर्तन करते हुए भारी संख्या में रिश्तेदारों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने अंतिम यात्रा में भाग लिया।
पूर्व सरपंच दर्शन सिंह मलकाना ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय गुरदयाल सिंह के 7 पुत्र और 4 पुत्रियां थीं। इनमें से सबसे बड़े पुत्र लीला सिंह सहित 4 पुत्रों का निधन हो चुका है, जबकि इस समय 3 पुत्र और 4 पुत्रियां जीवित हैं। परिवार में 12 पौत्र, 5 पौत्रियां और उनके बच्चे भी हैं। कुल मिलाकर परिवार की संख्या लगभग 100 के करीब है।
गुरदयाल सिंह वर्ष 1980 से 1983 तक ओढ़ा ग्राम पंचायत के सरपंच रहे। वे पूरे जीवनकाल में बेहद तंदरुस्त रहे। अंतिम समय तक उनकी आंखों की रोशनी और सुनने की क्षमता पूरी तरह ठीक थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उन्हें बुखार की शिकायत थी। उन्हें सिरसा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।गांव में उनके निधन को एक युग का अंत माना जा रहा है।