03 अक्टूबर 2026 का पंचांग: जितिया व्रत और अष्टमी श्राद्ध आज, शाम 6:04 बजे पूजा का शुभ मुहूर्त

आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज जितिया व्रत, अष्टमी श्राद्ध और शनिवार व्रत का संयोग बन रहा है। संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना से किया जाने वाला जितिया व्रत विशेष रूप से माताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं पितृ पक्ष के दौरान अष्टमी श्राद्ध और तर्पण के लिए भी आज का दिन श्रद्धा और स्मरण का अवसर है। दिनभर मिथुन राशि में चंद्रमा का संचार रहेगा और आर्द्रा नक्षत्र के प्रभाव के बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा।

आज सप्तमी तिथि प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो अगले दिन 04 अक्टूबर को तड़के 05 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। आज अष्टमी श्राद्ध किया जाएगा। श्राद्ध एवं तर्पण के लिए कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक तथा रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से 01 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। जितिया पूजा के लिए आज शाम 06 बजकर 04 मिनट से शुभ मुहूर्त है।

आज आर्द्रा नक्षत्र अगले दिन यानी 04 अक्टूबर को मध्यरात्रि के बाद 01 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा। वरीयान योग दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद परिघ योग शुरू होगा। बव करण प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक रहेगा और उसके बाद बालव करण का आरंभ होगा। चंद्रमा दिन-रात मिथुन राशि में संचार करेगा।

जितिया व्रत को संतान की लंबी आयु और उनके सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन व्रती माताएं श्रद्धा और संकल्प के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। वहीं पितृ पक्ष में अष्टमी श्राद्ध के अवसर पर पूर्वजों का स्मरण करते हुए विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि कर्म किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं में पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण को परिवार की परंपरा और संस्कारों से जोड़ा गया है।

सूर्योदय: प्रातः 06 बजकर 15 मिनट।

सूर्यास्त: सायं 06 बजकर 05 मिनट।

चंद्रोदय: रात्रि 11 बजकर 32 मिनट।

चंद्रास्त: अगले दिन 04 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 04 मिनट।

आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सायं 04 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। जितिया पूजा का शुभ मुहूर्त सायं 06 बजकर 04 मिनट से है।

आज का चौघड़िया: काल सुबह 06:15 से 07:44 बजे तक, शुभ 07:44 से 09:12 बजे तक, रोग 09:12 से 10:41 बजे तक और उद्वेग 10:41 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा।

आज के अशुभ मुहूर्त: राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक तथा यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक रहेगा। 

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा।

शिववास: शिववास श्मशान में प्रातः 07:59 बजे तक, इसके बाद गौरी के साथ 

आज का दिन एक ओर मातृशक्ति के संकल्प और संतान के मंगल की कामना से जुड़े जितिया व्रत के कारण महत्वपूर्ण है, वहीं दूसरी ओर पितृ पक्ष में अष्टमी श्राद्ध के कारण पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करता है। धार्मिक कर्मकांड करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार विधि का पालन करना उचित माना जाता है।

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