खबर मॉर्निंग। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि के साथ आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पंचमी तिथि दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज चंद्रमा दिन-रात वृषभ राशि में संचार करेगा, जबकि रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव अगले दिन तड़के तक बना रहेगा। ऐसे में आज के दिन शुभ कार्यों की योजना बनाते समय तिथि, नक्षत्र, योग और चौघड़िया का ध्यान रखना उपयोगी माना जाता है।
आज रोहिणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। सिद्धि योग रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा और उसके बाद व्यतीपात योग का आरंभ होगा। वहीं तैतिल करण दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद गरज करण शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं में सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
आज की तिथि और नक्षत्र : आश्विन कृष्ण पंचमी तिथि दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी।
रोहिणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा।
सिद्धि योग रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, इसके बाद व्यतीपात योग शुरू होगा।
तैतिल करण दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, फिर गरज करण आरंभ होगा।
आज चंद्रमा पूरे दिन और रात वृषभ राशि में संचार करेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय — प्रातः 06:14 बजे
सूर्यास्त — सायं 06:07 बजे
चंद्रोदय — रात्रि 09:24 बजे
चंद्रास्त — अगले दिन प्रातः 10:57 बजे (2 अक्टूबर)
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 बजे से 12:34 बजे तक रहेगा।
अमृत काल: अगले दिन तड़के 01:28 बजे से 02:57 बजे तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त को सनातन परंपरा में महत्वपूर्ण शुभ काल माना जाता है। इस दौरान किए जाने वाले कार्यों के लिए तिथि और अन्य स्थानीय पंचांग नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए।
आज का चौघड़िया
शुभ: सुबह 06:14 बजे से 07:43 बजे तक
रोग: सुबह 07:43 बजे से 09:12 बजे तक
उद्वेग: सुबह 09:12 बजे से 10:41 बजे तक
चर: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक
चौघड़िया का उपयोग सामान्यतः दिन के कार्यों के लिए समय चयन में किया जाता है। शुभ चौघड़िया को परंपरागत रूप से अनुकूल माना जाता है, जबकि रोग और उद्वेग चौघड़िया में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
यमगंड: सुबह 06:00 बजे से 07:30 बजे तक
धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड में नए एवं महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ करने से बचने की परंपरा रही है। हालांकि दैनिक जीवन के आवश्यक कार्य इन समयों में किए जा सकते हैं।
खबर मॉर्निंग की ओर से सभी पाठकों को आज के दिन की शुभकामनाएं।
