खबर मार्निंग । सावन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के साथ 23 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष रहने वाला है। इस दिन एकादशी तिथि अगले दिन 24 अगस्त की तड़के 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। दिनभर चंद्रमा धनु राशि में संचार करेगा। वहीं सुबह विषकुंभ योग समाप्त होने के बाद प्रीति योग का निर्माण होगा। ऐसे में व्रत, पूजा-पाठ और भगवान विष्णु की आराधना के लिए दिन विशेष माना जा रहा है।
23 अगस्त 2026 का पंचांग
वार: रविवार
तिथि: श्रावण शुक्ल एकादशी
एकादशी तिथि: अगले दिन तड़के 4:18 बजे (24 अगस्त) तक, इसके बाद द्वादशी
नक्षत्र: मूल शाम 5:44 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: विषकुंभ सुबह 6:14 बजे तक, इसके बाद प्रीति योग
करण: वणिज दोपहर 3:10 बजे तक, इसके बाद विष्टि करण
चंद्र राशि: धनु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: सुबह 5:54 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:53 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 3:55 बजे
चंद्रास्त: रात 1:56 बजे (24 अगस्त)
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3:55 बजे से 4:41 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:49 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक।
इन शुभ समयों में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान तथा धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।
आज का चौघड़िया
उद्वेग: सुबह 5:54 बजे से 7:32 बजे तक।
चर: सुबह 7:32 बजे से 9:09 बजे तक।
लाभ: सुबह 9:09 बजे से 10:46 बजे तक।
अमृत: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।
इनमें लाभ और अमृत चौघड़िया को शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक।
यमगंड: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक।
इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से सामान्यतः बचने की सलाह दी जाती है।
एकादशी का धार्मिक महत्व
श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत मन, वचन और कर्म की शुद्धि के साथ भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना गया है। व्रती दिनभर भगवान का स्मरण, विष्णु मंत्र का जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और धार्मिक कार्य कर सकते हैं।
23 अगस्त को एकादशी तिथि अगले दिन तड़के 4:18 बजे तक रहने के कारण व्रत और पूजा से जुड़े नियमों का पालन करते समय स्थानीय परंपरा तथा पंचांग में दिए गए पारण समय को ध्यान में रखना उचित रहेगा।
खबर मार्निंग की ओर से आप सभी को एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं।
