श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ 20 अगस्त 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। आज अष्टमी तिथि रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। दिन में विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और सुबह 9 बजकर 08 मिनट के बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा पूरे दिन और रात वृश्चिक राशि में संचार करेगा। इस दिन शुभ कार्यों के लिए अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त महत्वपूर्ण रहेंगे, वहीं राहुकाल सहित कुछ अशुभ समय में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
20 अगस्त 2026 का पंचांग
- दिन: गुरुवार
- मास: श्रावण
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: अष्टमी रात 09:18 बजे तक, इसके बाद नवमी
- नक्षत्र: विशाखा सुबह 09:08 बजे तक, इसके बाद अनुराधा
- योग: इन्द्र योग 21 अगस्त तड़के 04:25 बजे तक, इसके बाद वैधृति योग
- करण: विष्टि सुबह 08:15 बजे तक, इसके बाद बव करण
- चंद्र राशि: वृश्चिक
- सूर्य राशि: सिंह
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
20 अगस्त को सूर्योदय प्रातः 05:53 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 06:56 बजे होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 01:16 बजे और चंद्रास्त रात्रि 11:24 बजे होगा।
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:50 बजे तक।
अमृत काल: 21 अगस्त की मध्यरात्रि 12:17 बजे से तड़के 02:04 बजे तक।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक साधना करना विशेष फलदायी माना जाता है। वहीं अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।
यमगंड: सुबह 06:00 बजे से 07:30 बजे तक।
इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।
20 अगस्त का चौघड़िया
दिन के चौघड़िया के अनुसार:-
- शुभ: सुबह 05:53 बजे से 07:31 बजे तक
- रोग: सुबह 07:31 बजे से 09:09 बजे तक
- उद्वेग: सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक
- चर: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक
आज विशेष ध्यान देने वाली बातें
आज अष्टमी तिथि रात तक रहने के कारण धार्मिक दृष्टि से दिन का विशेष महत्व है। सुबह 09:08 बजे के बाद अनुराधा नक्षत्र का आरंभ होगा। इसी प्रकार सुबह 08:15 बजे के बाद बव करण प्रभावी रहेगा। चंद्रमा के वृश्चिक राशि में रहने से दिनभर चंद्र राशि के आधार पर बनने वाले ज्योतिषीय प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
खबर मार्निंग के पाठकों के लिए सलाह है कि शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का चयन करते समय स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और स्थान विशेष की पंचांग गणना को भी ध्यान में रखें। पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।
