27 जून 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। दिनभर चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचरण करेगा तथा अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। वहीं रात्रि में रवि योग का निर्माण होने से अनेक शुभ एवं मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। साध्य योग के पश्चात शुभ योग का आरंभ होगा, जिससे दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाएगा।
पंचांग विवरण
- तिथि : शुक्ल त्रयोदशी रात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक, तत्पश्चात चतुर्दशी
- नक्षत्र : अनुराधा रात्रि 10 बजकर 11 मिनट तक, इसके बाद ज्येष्ठा
- योग : साध्य दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक, तत्पश्चात शुभ योग
- करण : कौलव प्रातः 11 बजकर 32 मिनट तक, इसके बाद तैतिल रात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक, फिर गर
- पक्ष : शुक्ल पक्ष
- वार : शनिवार
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
- सूर्योदय : प्रातः 05 बजकर 25 मिनट
- सूर्यास्त : सायं 07 बजकर 23 मिनट
- चंद्रोदय : सायं 05 बजकर 31 मिनट
- चंद्रास्त : प्रातः 03 बजकर 33 मिनट (28 जून)
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:05 से 04:45 बजे तक
- अमृत काल : प्रातः 10:31 से दोपहर 12:19 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:56 से 12:52 बजे तक
- विजय मुहूर्त : दोपहर 02:44 से 03:40 बजे तक
- रवि योग : रात्रि 10:11 बजे से प्रातः 05:26 बजे (28 जून) तक
- निशिता मुहूर्त : रात्रि 12:04 से 12:44 बजे
आज के अशुभ समय
- गुलिक काल : प्रातः 05:25 से 07:10 बजे तक
- राहुकाल : प्रातः 08:55 से 10:39 बजे तक
- यमगण्ड : दोपहर 02:09 से 03:54 बजे तक
- दुर्मुहूर्त : प्रातः 05:25 से 06:21 बजे तक तथा 06:21 से 07:17 बजे तक
दिन का शुभ चौघड़िया
- शुभ : प्रातः 07:10 से 08:55 बजे तक
- चर : दोपहर 12:24 से 02:09 बजे तक
- लाभ : दोपहर 02:09 से 03:54 बजे तक
- अमृत : सायं 03:54 से 05:38 बजे तक
रात्रि का शुभ चौघड़िया
- लाभ : सायं 07:23 से 08:38 बजे तक
- शुभ : रात्रि 09:54 से 11:09 बजे तक
- अमृत : रात्रि 11:09 से 12:24 बजे (28 जून) तक
- चर : रात्रि 12:24 से 01:40 बजे (28 जून) तक
- लाभ : प्रातः 04:10 से 05:26 बजे (28 जून) तक
शनि प्रदोष पूजा मुहूर्त : आज शनि प्रदोष व्रत का पूजन मुहूर्त सायं 07:23 बजे से रात्रि 09:23 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी जाती है।
दिशाशूल : पूर्व दिशा
शिववास : नन्दी पर : रात्रि 12:43 बजे तक इसके बाद भोजन में
आज का विशेष : शनि प्रदोष व्रत, अनुराधा नक्षत्र, वृश्चिक राशि में चंद्रमा तथा रात्रि में बनने वाला रवि योग आज के दिन को धार्मिक साधना, शिव पूजन, दान-पुण्य और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ बनाता है। श्रद्धालु प्रदोष काल में भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कर मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं।
