आज का पंचांग: 26 जून 2026, शुक्रवार, निर्जला एकादशी पारण आज, सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग

सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। पंचांग न केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, बल्कि शुभ एवं अशुभ मुहूर्तों का भी मार्गदर्शन करता है। शुक्रवार, 26 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज निर्जला एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। साथ ही दिन में सिद्ध योग और रात्रि में अनुराधा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज के शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ, दान-पुण्य, मांगलिक कार्य तथा नए कार्यों का आरंभ विशेष फलदायी रहेगा।

पंचांग विवरण

- तिथि: अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वादशी रात्रि 10 बजकर 45 मिनट तक, उपरांत त्रयोदशी तिथि

- नक्षत्र: विशाखा रात्रि 8 बजकर 29 मिनट तक, उपरांत अनुराधा

- योग: सिद्ध दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक, उपरांत साध्य

- करण: वव प्रातः 9 बजकर 47 मिनट तक, उपरांत वालव

सूर्य एवं चंद्र संबंधित समय

- सूर्योदय: प्रातः 5:00 बजे

- सूर्यास्त: सायं 6:44 बजे

निर्जला एकादशी व्रत पारण मुहूर्त

- पारण का शुभ समय: प्रातः 5 बजकर 49 मिनट से प्रातः 9 बजकर 03 मिनट तक

आज के शुभ मुहूर्त

- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:46 बजे से प्रातः 5:17 बजे तक

- प्रातः संध्या: प्रातः 5:02 बजे से प्रातः 5:49 बजे तक

- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 1:21 बजे से दोपहर 2:26 बजे तक

- विजय मुहूर्त: सायं 4:35 बजे से सायं 5:40 बजे तक

- गोधूलि मुहूर्त: रात्रि 9:56 बजे से रात्रि 10:12 बजे तक

- अमृत काल: प्रातः 5:56 बजे से प्रातः 7:44 बजे तक

- सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 3:46 बजे से अगले दिन प्रातः 5:49 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

- राहुकाल: प्रातः 11:52 बजे से दोपहर 1:53 बजे तक

- यमगण्ड: सायं 5:56 बजे से रात्रि 7:57 बजे तक

- गुलिक काल: प्रातः 7:50 बजे से प्रातः 9:51 बजे तक

- दुर्मुहूर्त: प्रातः 9:03 बजे से प्रातः 10:07 बजे तक

आज का चौघड़िया

समय| चौघड़िया| फल

प्रातः 5:00 बजे से 6:43 बजे तक| चर| सामान्य

प्रातः 6:43 बजे से 8:26 बजे तक| लाभ| उन्नति

प्रातः 8:26 बजे से 10:09 बजे तक| अमृत| सर्वोत्तम

प्रातः 10:09 बजे से 11:52 बजे तक| काल| हानि

दोपहर 11:52 बजे से 1:35 बजे तक| शुभ| उत्तम

दोपहर 1:35 बजे से 3:18 बजे तक| रोग| अमंगल

सायं 3:18 बजे से 5:01 बजे तक| उद्वेग| अशुभ

सायं 5:01 बजे से 6:44 बजे तक| चर| सामान्य

आज का विशेष महत्व

आज द्वादशी तिथि में निर्जला एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। सिद्ध योग, अमृत काल तथा सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, दान-पुण्य, भगवान विष्णु की आराधना एवं शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है। 

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