भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और वार का विवरण नहीं, बल्कि समय के सूक्ष्म विज्ञान का दर्पण माना जाता है। दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों, यात्रा, निवेश और शुभारंभ के लिए पंचांग का विशेष महत्व है। 24 जून 2026, बुधवार का दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, चित्रा एवं स्वाती नक्षत्र तथा पूरे दिन प्रभावी रवि योग के कारण विशेष फलदायी माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज के दिन के प्रमुख ज्योतिषीय योग, शुभ मुहूर्त और सावधानियां।
तिथि एवं नक्षत्र
आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सायं 06:13 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात एकादशी तिथि का आरंभ होगा।
चित्रा नक्षत्र दोपहर 01:59 बजे तक रहेगा, इसके बाद स्वाती नक्षत्र प्रभावी होगा।
परिघ योग प्रातः 10:23 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात शिव योग प्रारंभ होगा।
आज पूरे दिन रवि योग का शुभ संयोग बना हुआ है, जिसे अनेक मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
- सूर्योदय : प्रातः 05:48 बजे
- सूर्यास्त : रात्रि 09:58 बजे
- चंद्रोदय : सायं 05:10 बजे
- चंद्रास्त : 25 जून को प्रातः 02:19 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:45 बजे से 05:16 बजे तक
- प्रातः संध्या : प्रातः 05:01 बजे से 05:48 बजे तक
- विजय मुहूर्त : सायं 04:35 बजे से 05:39 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त : रात्रि 09:56 बजे से 10:12 बजे तक
- सायाह्न संध्या : रात्रि 09:58 बजे से 10:45 बजे तक
- रवि योग : पूरे दिन
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : दोपहर 01:53 बजे से 03:54 बजे तक
- यमगण्ड : प्रातः 07:49 बजे से 09:50 बजे तक
- आडल योग : प्रातः 05:48 बजे से 10:29 बजे तक
- विडाल योग : प्रातः 10:29 बजे से अगले दिन 25 जून को प्रातः 05:48 बजे तक
- गुलिक काल : प्रातः 11:52 बजे से दोपहर 01:53 बजे तक
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दशमी तिथि पर भगवान विष्णु की उपासना शुभ फल प्रदान करती है। वहीं सायंकाल से प्रारंभ होने वाली एकादशी तिथि के कारण व्रत एवं आध्यात्मिक साधना की तैयारियों का भी विशेष महत्व रहेगा। पूरे दिन बना रवि योग अनेक कार्यों में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है।
समय का सदुपयोग ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है। पंचांग हमें न केवल शुभ-अशुभ काल की जानकारी देता है, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड की लय के साथ जीवन को संतुलित करने की प्रेरणा भी देता है।
