सनातन परंपरा में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत, पूजा और दान करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों के समान पुण्यफल प्राप्त होता है। आज शिव योग और सिद्ध योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों, जप-तप, दान-पुण्य तथा भगवान विष्णु की आराधना का महत्व और बढ़ गया है।
आज का पंचांग : आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रात्रि 08:09 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। स्वाती नक्षत्र सायं 04:29 बजे तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र का आरंभ होगा। शिव योग प्रातः 10:54 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात सिद्ध योग प्रारंभ होगा।
व्रत एवं पर्व : निर्जला एकादशी व्रत
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय : प्रातः 05:25 बजे
- सूर्यास्त : सायं 07:23 बजे
- चंद्रोदय : दोपहर 03:38 बजे
- चंद्रास्त : 26 जून को प्रातः 02:10 बजे
आज का चौघड़िया
- शुभ : प्रातः 05:25 बजे से 07:10 बजे तक
- चर : प्रातः 10:39 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक
- लाभ : दोपहर 12:24 बजे से 02:09 बजे तक
- अमृत : दोपहर 02:09 बजे से 03:53 बजे तक
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 03:53 बजे से 04:39 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:56 बजे से 12:52 बजे तक
- अमृत काल : प्रातः 06:46 बजे से 08:32 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल : दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
- गुलिक काल : प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
- यमगण्ड : प्रातः 06:00 बजे से 07:30 बजे तक
धार्मिक महत्व : निर्जला एकादशी को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने वाला अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन उपवास, हरिनाम संकीर्तन, विष्णु सहस्रनाम का पाठ, तुलसी पूजन तथा जरूरतमंदों को जल, अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धालु आज के शुभ मुहूर्तों में पूजा-अर्चना कर जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना कर सकते हैं।
