सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि और वार का विवरण नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को दिशा देने वाला ज्योतिषीय मार्गदर्शक माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल जैसी जानकारियां व्यक्ति को अपने कार्यों की योजना बनाने में सहायता प्रदान करती हैं। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। दिनभर पंचक का प्रभाव बना रहेगा तथा दोपहर बाद भद्रा का भी प्रवेश होगा। ऐसे में मांगलिक और महत्वपूर्ण कार्यों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पंचांग विवरण
वार : बुधवार
मास : ज्येष्ठ मास
पक्ष : कृष्ण पक्ष
तिथि : दशमी तिथि रात्रि 12:57 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी तिथि प्रारंभ
नक्षत्र : उत्तर भाद्रपद प्रातः 09:21 बजे तक, इसके बाद रेवती नक्षत्र
योग : आयुष्मान योग प्रातः 06:30 बजे तक
सौभाग्य योग : प्रातः 04:03 बजे (11 जून) तक
सूर्योदय : प्रातः 05:44 बजे
सूर्यास्त : सायं 06:39 बजे
चंद्रोदय : रात्रि 01:58 बजे (11 जून)
चन्द्रास्त : दोपहर 01:46 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:40 बजे से 03:36 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 12:01 बजे से 12:41 बजे (11 जून) तक
गोधूलि मुहूर्त : सायं 07:17 बजे से 07:37 बजे तक
आज अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 12:21 बजे से 02:05 बजे तक
यमगण्ड : प्रातः 07:07 बजे से 08:52 बजे तक
गुलिक काल : प्रातः 10:36 बजे से 12:21 बजे तक
दुर्मुहूर्त : पूर्वाह्न 11:53 बजे से 12:49 बजे तक
विशेष ज्योतिषीय संकेत
पंचक : पूरे दिन प्रभावी रहेगा।
भद्रा : दोपहर 01:52 बजे से रात्रि 12:57 बजे (11 जून) तक।
दिशाशूल : उत्तर दिशा।
पंचक और भद्रा के संयुक्त प्रभाव के कारण गृह निर्माण, यात्रा प्रारंभ, महत्वपूर्ण निवेश तथा मांगलिक कार्यों को यथासंभव टालना उचित रहेगा। वहीं आध्यात्मिक साधना, जप-तप, दान-पुण्य और भगवान विष्णु के स्मरण के लिए दिन विशेष रूप से शुभ माना गया है। एकादशी के आगमन से पूर्व धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी भी लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
