भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल दिन की शुभता-अशुभता का संकेत देता है, बल्कि धार्मिक कार्यों, व्रत-त्योहार और दैनिक जीवन के निर्णयों में भी मार्गदर्शन करता है। आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेष रूप से आज नारद जयंती का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है, जो देवर्षि नारद की स्मृति में समर्पित है।
आज का पंचांग (2 मई 2026)
तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (पूरे दिन)। नक्षत्र: विशाखा (सुबह 04:35 से 3 मई सुबह 07:09 तक)
करण: बालव – सुबह 11:49 तक। कौलव – सुबह 11:49 से 3 मई 12:50 एएम तक।
योग: व्यतीपात – रात 09:44 तक। वरीयान – रात 09:44 से 3 मई 10:27 पीएम तक।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – सुबह 05:57
सूर्यास्त – शाम 06:50
चंद्रोदय – शाम 07:38
चंद्रास्त – 3 मई सुबह 06:33
सूर्य राशि – मेष
चंद्र राशि – तुला (3 मई सुबह 12:29 बजे वृश्चिक में प्रवेश)
आज का अशुभ काल
राहुकाल – सुबह 09:10 से 10:47 तक
यमगण्ड – दोपहर 02:00 से 03:37 तक
कुलिक काल – सुबह 05:57 से 07:33 तक
दुर्मुहूर्त – सुबह 07:40 से 08:31 तक
वर्ज्यम् – सुबह 10:47 से 12:33 तक
आज का शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:20 से 05:08 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:49 तक
अमृत काल – रात 09:24 से 11:10 तक
आज का विशेष महत्व : आज नारद जयंती का पर्व है, जो भक्ति, ज्ञान और संचार के प्रतीक देवर्षि नारद को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और नारद जी का स्मरण करने से बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ व्यतीपात योग के कारण कुछ मामलों में सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत और अमृत काल का चयन करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहुकाल और यमगण्ड में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
यह पंचांग आपके दिन को बेहतर और संतुलित बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
