भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और वार का विवरण नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक आधार माना जाता है। शुभ कार्यों की शुरुआत से लेकर यात्रा, पूजा-पाठ, विवाह, व्यापार और धार्मिक अनुष्ठानों तक पंचांग का विशेष महत्व है। आज का दिन भी कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि द्वादशी और त्रयोदशी तिथि के संयोग के साथ रेवती एवं अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। वहीं प्रीति योग और आयुष्मान योग दिन को विशेष शुभता प्रदान करेंगे। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
आज की तिथि एवं नक्षत्र
आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 11:20 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगी।
नक्षत्र की बात करें तो रेवती नक्षत्र रात 10:33 बजे तक रहेगा, उसके बाद अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग और करण
आज शाम 5:53 बजे तक प्रीति योग रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग का आरंभ होगा।
करणों में सुबह 11:21 बजे तक तैतिल करण रहेगा। इसके पश्चात गर करण रात 10:00 बजे तक रहेगा और फिर वणिज करण शुरू होगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय : सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त : शाम 6:56 बजे
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ-उत्तम : 05:31 प्रातः से 07:13 प्रातः
चर-सामान्य : 10:36 पूर्वाह्न से 12:18 मध्याह्न
लाभ-उन्नति : 12:18 मध्याह्न से 01:59 अपराह्न
अमृत-सर्वोत्तम : 01:59 अपराह्न से 03:41 अपराह्न
शुभ-उत्तम : 05:23 सायं से 07:04 सायं
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
अमृत-सर्वोत्तम : 07:04 सायं से 08:22 रात्रि
चर-सामान्य : 08:22 रात्रि से 09:41 रात्रि
लाभ-उन्नति : 12:17 मध्यरात्रि से 01:36 प्रातः, 15 मई
शुभ-उत्तम : 02:54 प्रातः से 04:12 प्रातः, 15 मई
अमृत-सर्वोत्तम : 04:12 प्रातः से 05:30 प्रातः, 15 मई
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 4:13 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : 11:56 पूर्वाह्न से 12:49 अपराह्न तक
अमृत काल : शाम 6:16 बजे से 7:46 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 1:58 बजे से 3:38 बजे तक
यमगंड : सुबह 5:50 बजे से 7:28 बजे तक
गुलिक काल : सुबह 9:06 बजे से 10:44 बजे तक
ग्रह, राशि और दिशा शूल
दिशा शूल : दक्षिण दिशा में
चंद्र राशि : मीन राशि रात 10:34 बजे तक, इसके बाद मेष राशि
सूर्य राशि : मेष
शिववास : आज शिववास नंदी पर सुबह 11:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद भोजन में माना जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज प्रीति और आयुष्मान योग का संयोग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। पूजा-पाठ, मंत्र जाप, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन के शुभ मुहूर्त लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। वहीं राहुकाल और यमगंड के समय महत्वपूर्ण कार्यों से बचना शुभ माना गया है।
