आज का पंचांग 05 मई 2026 : शुभ-अशुभ योगों के बीच विशेष दिन, अंगारकी गणेश चतुर्थी का महत्व

आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि, शिव और सिद्ध योग का संयोग तथा अंगारकी गणेश चतुर्थी का व्रत इन सभी के कारण आज का दिन साधना, व्रत और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव डालती है, ऐसे में दिन की शुरुआत शुभ समय और सावधानियों के साथ करना लाभकारी हो सकता है।

तिथि एवं नक्षत्र : आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि कल प्रातः 05 बजकर 01 मिनट तक रहेगी, इसके उपरांत पंचमी तिथि आरम्भ हो जाएगी।

तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष चतुर्थी प्रातः 05:01 बजे तक, उपरांत पंचमी तिथि।

आज ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र के साथ शिव एवं सिद्ध योग का शुभ संयोग बन रहा है। चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक वृश्चिक राशि में रहेंगे, इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

ज्येष्ठा नक्षत्र: दोपहर 12:54 बजे तक और । मूल नक्षत्र: दोपहर 12:54 बजे से 6 मई दोपहर 03:53 बजे तक

योग: शिव योग (4 मई रात्रि 11:19 बजे से 6 मई रात्रि 12:16 बजे तक)

करण बव: प्रातः 05:24 बजे से सायं 06:38 बजे तक

बालव: सायं 06:38 बजे से 6 मई प्रातः 07:51 बजे तक

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:32 बजे

आज का विशेष व्रत : आज अंगारकी गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है, जो भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और मनोकामना पूर्ति का दिन माना जाता है।

आज का चौघड़िया

रोग (अमंगल): प्रातः 05:10 से 06:49 तक

उद्वेग (अशुभ): प्रातः 06:49 से 08:28 तक

चर (सामान्य): प्रातः 08:28 से 10:07 तक

लाभ (उन्नति): प्रातः 10:07 से 11:46 तक

अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 11:46 से 01:25 तक

काल (हानि): दोपहर 01:25 से 03:04 तक

शुभ (उत्तम): सायं 03:04 से 04:43 तक

रोग (अमंगल): सायं 04:43 से 06:22 तक

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:44 से 04:27 तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:20 से 12:13 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 01:58 से 02:51 तक

आज के अशुभ मुहूर्त 

राहुकाल: सायं 03:04 से 04:43 तक

यमगण्ड: प्रातः 08:28 से 10:07 तक

गुलिक काल: दोपहर 11:46 से 01:25 तक

दिशाशूल: आज उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा करने से बचना शुभ माना गया है।

आज का दिन व्रत, पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। विशेषकर भगवान गणेश की उपासना से विघ्नों का नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने का विश्वास है। हालांकि, राहुकाल और अन्य अशुभ समयों में महत्वपूर्ण कार्यों से परहेज करना ही हितकर रहेगा।

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