आज का पंचांग : 28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली तिथियां पुण्य और साधना के लिए विशेष फलदायी होती हैं। आज एकादशी से द्वादशी में प्रवेश के साथ शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य और नए कार्यों के आरंभ के लिए अनुकूल माना गया है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग—

तिथि व पक्ष

  • एकादशी तिथि शाम 06:15 बजे तक, उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ
  • द्वादशी तिथि 06:51 सायं तक, फिर त्रयोदशी तिथि
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • दिन: मंगलवार

नक्षत्र, योग और करण

  • नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी रात 10:36 बजे तक, इसके बाद हस्त
  • योग: व्याघात रात 09:04 बजे तक, फिर हर्षण योग
  • करण:
    • बव: सुबह 06:30 बजे तक
    • बालव: शाम 06:51 बजे तक
    • कौलव: इसके बाद

सूर्य व चंद्र समय

  • सूर्योदय: 05:43 प्रातः
  • सूर्यास्त: 06:54 सायं
  • चंद्रोदय: 04:04 सायं
  • चंद्रास्त: 04:00 प्रातः (29 अप्रैल)
  • चंद्र राशि: कन्या

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:17 प्रातः से 05:00 प्रातः
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:52 प्रातः से 12:45 मध्यान्ह
  • विजय मुहूर्त: 02:31 अपराह्न से 03:23 अपराह्न
  • गोधूलि मुहूर्त: 06:53 सायं से 07:15 सायं
  • अमृत काल: 03:01 अपराह्न से 04:42 अपराह्न
  • निशिता मुहूर्त: 11:57 रात्रि से 12:40 प्रातः (29 अप्रैल)

विशेष योग

  • त्रिपुष्कर योग: 05:43 प्रातः से 06:51 सायं
  • शिववास: कैलाश पर शाम 06:51 बजे तक, उसके बाद नंदी पर

अशुभ समय

  • राहुकाल: 03:37 अपराह्न से 05:16 अपराह्न
  • यमगण्ड: 09:01 प्रातः से 10:40 प्रातः
  • गुलिक काल: 12:19 अपराह्न से 01:58 अपराह्न
  • दुर्मुहूर्त: 08:21 प्रातः से 09:14 प्रातः
  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

आज का चौघड़िया

  • अमृत: 12:10 अपराह्न से 01:46 अपराह्न
  • शुभ: 03:22 अपराह्न से 04:58 अपराह्न
  • चर: 08:59 प्रातः से 10:34 प्रातः
  • लाभ: 10:34 प्रातः से 12:10 अपराह्न
  • लाभ (रात्रि): 07:58 सायं से 09:22 रात्रि
  • शुभ (उत्तम): 10:46 रात्रि से 12:10 प्रातः (29 अप्रैल)
  • अमृत (सर्वोत्तम): 12:10 प्रातः से 01:34 प्रातः (29 अप्रैल)
  • चर (सामान्य): 01:34 प्रातः से 02:58 प्रातः (29 अप्रैल)

आज त्रिपुष्कर योग के कारण किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन विशेष शुभ माना गया है।

(नोट: स्थानीय समय के अनुसार परिवर्तन संभव है हैं।)

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