भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि और समय का विवरण नहीं, बल्कि जीवन के हर कार्य को शुभ-अशुभ के संतुलन में साधने का मार्गदर्शक होता है। आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ चतुर्दशी का आरम्भ भी हो रहा है। साथ ही पंचक और भद्रा जैसे योगों की उपस्थिति इस दिन को सावधानी और संयम के साथ व्यतीत करने का संकेत देती है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, जो आपके दैनिक निर्णयों को दिशा देने में सहायक हो सकता है।
तिथि, वार व संवत
- तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ
- वार: मंगलवार
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947
सूर्योदय व सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 56 मिनट
- सूर्यास्त: शाम 05 बजकर 59 मिनट
चंद्रमा की स्थिति
- चंद्रमा आज कुंभ राशि में रहेंगे
- नक्षत्र: शतभिषा शाम 05 बजकर 18 मिनट तक, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
योग व करण
- योग: सिद्ध (सुबह 05:59 से 07:13 तक), इसके बाद शुभ योग
- करण: वणिज, तत्पश्चात भद्रा
आज का चौघड़िया (दिनकाल)
- रोग (अशुभ): 05:56 – 07:26
- उद्वेग (अशुभ): 07:26 – 08:56
- चर (सामान्य): 08:56 – 10:26
- लाभ (उन्नति): 10:26 – 11:57
- अमृत (सर्वोत्तम): 11:57 – 01:27
- काल (हानि): 01:27 – 02:57
- शुभ (उत्तम): 02:57 – 04:27
- रोग (अशुभ): 04:27 – 05:59
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:53 – 05:41
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:17 – 06:29
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:06 – 12:54
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 – 03:18
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:28 – 06:52
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:30 – 07:42
- अमृत काल: रात 11:01 से 18 मार्च को 12:36 तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:05 से 12:53 (18 मार्च)
अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 03:30 – 05:00
- यमगण्ड: सुबह 09:29 – 10:59
- गुलिक काल: दोपहर 12:30 – 02:00
- वर्ज्य: दोपहर 01:30 – 03:05
- दुर्मुहूर्त:
- सुबह 08:53 – 09:41
- रात्रि 11:17 से 18 मार्च 12:05 तक
विशेष योग व सावधानियां
- भद्रा काल: सुबह 09:23 से रात 08:59 तक (मृत्यु लोक में)
- पंचक: पूरे दिन प्रभावी
- बाण: अग्नि बाण (रात्रि 01:24 तक, 18 मार्च)
- दिशाशूल: उत्तर दिशा (यात्रा से पूर्व गुड़ का सेवन शुभ
अन्य ज्योतिषीय संकेत
- चन्द्र वास: पश्चिम दिशा
- राहु वास: पश्चिम दिशा
- अग्निवास: सुबह 09:23 तक पृथ्वी में, इसके बाद आकाश में
- शिववास: सुबह 09:23 तक भोजन में, तत्पश्चात श्मशान में
दिन-रात्रि मान
- दिनमान: 12 घंटे 01 मिनट 42 सेकंड
- रात्रिमान: 11 घंटे 57 मिनट 08 सेकंड
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:30 बजे तक
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हुए भी संयम और सावधानी की मांग करता है। पंचक, भद्रा और अशुभ योगों के कारण शुभ कार्यों में विचार-विमर्श आवश्यक है, जबकि अभिजित और अमृत काल जैसे शुभ मुहूर्त साधारण कार्यों के लिए अनुकूल अवसर प्रदान करते हैं।
नोट: पंचांग के इन संकेतों का पालन कर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन को अधिक संतुलित और सफल बना सकता है।
