हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और बुधवार का संयोग कई साधना, पूजा एवं आत्मचिंतन के कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है। आज चतुर्दशी तिथि के उपरांत अमावस्या का आरंभ होगा, जिससे पितृ कार्यों और ध्यान-उपासना का महत्व और बढ़ जाता है। साथ ही पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, शुभ योग, पंचक और खरमास का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है।
तिथि, वार एवं संवत
- तिथि – चतुर्दशी (प्रातः 08 बजकर 25 मिनट तक), तत्पश्चात अमावस्या
- पक्ष – कृष्ण पक्ष
- वार – बुधवार
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थि
- शक संवत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत मास – चैत्र
- अमांत मास – फाल्गुन
नक्षत्र एवं योग
- नक्षत्र – पूर्व भाद्रपद (19 मार्च प्रातः 05 बजकर 21 मिनट तक)
- योग – शुभ (19 मार्च प्रातः 04 बजकर 01 मिनट तक)
करण
- शकुनि – प्रातः 08 बजकर 25 मिनट तक
- चतुष्पाद – सायं 07 बजकर 43 मिनट तक
- नाग – इसके पश्चात
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
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सूर्योदय – प्रातः 06 बजकर 36 मिनट
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सूर्यास्त – सायं 06 बजकर 33 मिनट
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चंद्रोदय – प्रातः 05 बजकर 55 मिनट
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चंद्रास्त – सायं 06 बजकर 03 मिनट
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चंद्र राशि – कुंभ (रात्रि 11 बजकर 36 मिनट तक), तत्पश्चात मीन
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सूर्य राशि – मीन
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त – नहीं है
- अमृत काल – रात्रि 09 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 09 मिनट तक
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर 47 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – सायं 06 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 52 मिनट तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल – दोपहर 12:34 से 02:04 तक
- यमगण्ड – प्रातः 08:06 से 09:35 तक
- कुलिक काल – प्रातः 11:05 से 12:34 तक
- दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:11 से 12:58 तक
- वर्ज्यम् – दोपहर 12:20 से 01:53 तक
चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
- रोग (अमंगल) – प्रातः 06:29 से 07:59 तक
- उद्वेग (अशुभ) – प्रातः 07:59 से 09:29 तक
- चर (सामान्य) – प्रातः 09:29 से 10:59 तक
- लाभ (उन्नति) – प्रातः 10:59 से दोपहर 12:30 तक
- अमृत (सर्वोत्तम) – दोपहर 12:30 से 02:00 तक
- काल (हानि) – दोपहर 02:00 से 03:30 तक
- शुभ (उत्तम) – सायं 03:30 से 05:00 तक
- रोग (अमंगल) – सायं 05:00 से 06:30 तक
रात्रि का चौघड़िया
- काल (हानि) – सायं 06:30 से 08:00 तक
- लाभ (उन्नति) – रात्रि 08:00 से 09:30 तक
- उद्वेग (अशुभ) – रात्रि 09:30 से 10:59 तक
- शुभ (उत्तम) – रात्रि 10:59 से 12:29 (19 मार्च) तक
- अमृत (सर्वोत्तम) – रात्रि 12:29 से 01:59 (19 मार्च) तक
- चर (सामान्य) – रात्रि 01:59 से 03:28 (19 मार्च) तक
- रोग (अमंगल) – रात्रि 03:28 से 04:58 (19 मार्च) तक
- काल (हानि) – प्रातः 04:58 से 06:28 (19 मार्च) तक
दिशा शूल
- उत्तर दिशा (इस दिशा में यात्रा से बचें)
नोट: आज चतुर्दशी से अमावस्या में प्रवेश का समय है, जो साधना, पितृ तर्पण, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचक और खरमास के प्रभाव के कारण मांगलिक कार्यों से परहेज करना उचित रहेगा, जबकि आध्यात्मिक कार्यों में समय व्यतीत करना शुभ फलदायी होगा।
