भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। दिन की शुरुआत यदि शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी के साथ की जाए तो जीवन की अनेक गतिविधियाँ अधिक शुभ और सफल मानी जाती हैं। पंचांग के माध्यम से हमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ-अशुभ समय तथा व्रत-त्योहारों की जानकारी मिलती है। शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है, क्योंकि आज शाम से भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत प्रारंभ होगा, जो भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन चंद्रोदय के बाद भगवान गणेश की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ काल।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज चैत्र मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सायंकाल 05 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा। चतुर्थी तिथि लगने के कारण आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।
आज चंद्रमा दिन के अधिकांश समय कन्या राशि में रहेंगे और रात्रि 10 बजकर 18 मिनट के बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
नक्षत्र की बात करें तो हस्त नक्षत्र सुबह 09 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात चित्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग के अनुसार गण्ड योग सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक रहेगा, इसके बाद वृद्धि योग प्रभावी होगा।
करण के अनुसार विष्टि करण शाम 05 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा, जो 7 मार्च की सुबह 06 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। तत्पश्चात बालव करण प्रारंभ होगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य कुंभ राशि में स्थित हैं और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में विराजमान हैं।
चंद्रमा दिन में कन्या राशि में रहेंगे और रात्रि में तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
- सूर्य उदय – सुबह 06:41 बजे
- सूर्यास्त – शाम 06:24 बजे
- चंद्रोदय – रात 09:14 बजे
- चंद्रास्त – सुबह 08:01 बजे
आज का दिनमान 11 घंटे 42 मिनट 49 सेकंड तथा रात्रिमान 12 घंटे 16 मिनट 04 सेकंड रहेगा।
मध्याह्न काल दोपहर 12:33 बजे रहेगा।
संवत्सर एवं काल विवरण
- विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
- चन्द्र मास – चैत्र (पूर्णिमांत) तथा फाल्गुन (अमान्त)
- प्रविष्टे / गते – 22
- उत्तरायण – जारी
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05:03 बजे से 05:52 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या – सुबह 05:27 बजे से 06:41 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06:22 बजे से 06:46 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या – शाम 06:24 बजे से 07:38 बजे तक
- अमृत काल – 7 मार्च की सुबह 04:23 बजे से 06:06 बजे तक
- निशिता मुहूर्त – 7 मार्च की रात्रि 12:07 बजे से 12:57 बजे तक
आज के अशुभ काल
- राहुकाल – सुबह 11:05 बजे से 12:33 बजे तक
- यमगण्ड – दोपहर 03:28 बजे से 04:56 बजे तक
- गुलिक काल – सुबह 08:09 बजे से 09:37 बजे तक
- दुर्मुहूर्त – सुबह 09:02 बजे से 09:49 बजे तक तथा दोपहर 12:56 बजे से 01:43 बजे तक
- वर्ज्य काल – शाम 06:05 बजे से 07:48 बजे तक
विशेष योग और अन्य विवरण
- आडल योग – सुबह 06:41 बजे से 09:29 बजे तक
- विडाल योग – सुबह 09:29 बजे से 7 मार्च सुबह 06:40 बजे तक
- भद्रा – सुबह 06:41 बजे से शाम 05:53 बजे तक
दिशा शूल आज पश्चिम दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा की यात्रा करने से पहले शुभ उपाय करना उचित माना जाता है।
अग्निवास शाम 05:53 बजे तक आकाश में रहेगा, इसके बाद पाताल में माना जाएगा।
चन्द्र वास रात 10:18 बजे तक दक्षिण दिशा में रहेगा, इसके बाद पश्चिम दिशा में माना जाएगा।
राहु वास दक्षिण-पूर्व दिशा में रहेगा।
धार्मिक महत्व
आज शाम से लगने वाली भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित होती है। इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्रोदय के समय भगवान गणेश की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
(नोट: पंचांग के समय स्थान विशेष के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं।)
