वसंत ऋतु के पावन वातावरण में आस्था, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संगम लिए आज 23 मार्च 2026 का दिन विशेष महत्व रखता है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मनाया जा रहा है, जो मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि जीवन में नई शुरुआत, ज्ञानार्जन और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति भी आज के दिन को विशेष रूप से शुभ बना रही है।
चैत्र शुक्ल पंचमी तिथि आज रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात षष्ठी तिथि का आरंभ होगा। सोमवार का दिन और वसंत ऋतु का प्रभाव मिलकर इस दिन की पवित्रता को और अधिक बढ़ा रहे हैं। पंचांग के अनुसार आज का सूर्योदय सुबह 05:50 बजे तथा सूर्यास्त शाम 06:01 बजे होगा। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अंतर्गत यह दिन उत्तरायण काल में पड़ रहा है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ संकेत माना जाता है।
आज का नक्षत्र कृतिका है, जो रात्रि 11:24 बजे तक रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र आरंभ होगा। कृतिका नक्षत्र को तेज, ऊर्जा और निर्णय क्षमता का प्रतीक माना जाता है। वहीं योग के रूप में विसकुम्भ योग दोपहर 02:56 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद प्रीति योग का शुभ संयोग बनेगा। करण में वव के बाद वालव करण का क्रम चलेगा, जो कार्यों में स्थिरता और सफलता का संकेत देता है।
यदि ग्रह स्थिति पर दृष्टि डालें तो चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित हैं, जो मन को स्थिरता और सुख प्रदान करते हैं। मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में रहकर विचारों में नवीनता और ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। गुरु मिथुन राशि में ज्ञान और बुद्धि का विस्तार कर रहे हैं, जबकि सूर्य, शनि और शुक्र मीन राशि में स्थित होकर आध्यात्मिक झुकाव और संवेदनशीलता को बढ़ा रहे हैं। केतु सिंह राशि में रहकर आत्मबल और आंतरिक शक्ति को मजबूत कर रहा है।
आज के चौघड़िया के अनुसार प्रातः 05:50 से 07:21 तक अमृत काल सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसके अतिरिक्त दोपहर 02:56 से 04:28 तक लाभ और शाम 04:28 से 06:01 तक पुनः अमृत काल अत्यंत शुभ है। इन समयों में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजन या नई शुरुआत करना लाभकारी रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11:30 से 12:17 तक तथा विजय मुहूर्त 01:55 से 02:42 तक विशेष रूप से सफलता प्रदान करने वाले हैं।
हालांकि दिन में कुछ अशुभ काल भी रहेंगे, जिनमें प्रातः 07:21 से 08:52 तक राहुकाल, 10:23 से 11:54 तक यमगण्ड और 01:25 से 02:56 तक गुलिक काल शामिल हैं। इन समयों में शुभ कार्यों से परहेज करना उचित रहेगा। साथ ही आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है, अतः यदि यात्रा आवश्यक हो तो दर्पण देखकर निकलना शुभ माना गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता अपने पुत्र भगवान कार्तिकेय को गोद में लिए सिंह पर विराजमान रहती हैं, जो मातृत्व, करुणा और शक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। आज के दिन उनकी आराधना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साधक को आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्राप्त होता है।
समग्र रूप से आज का दिन श्रद्धा, साधना और सकारात्मक आरंभ के लिए अत्यंत अनुकूल है। पंचमी तिथि, शुभ योग और ग्रहों की संतुलित स्थिति जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रही है। ऐसे में भक्तजन पूरे विधि-विधान से मां स्कंदमाता की पूजा कर अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण बना सकते हैं।
