बरेली।( विशेष संवाददाता)। थाना बहेड़ी पुलिस ने अंतर्राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क 26 सितंबर 2025 को हुए बरेली दंगों से भी जुड़ा हो सकता है।
पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 05 अवैध पिस्टल (32 बोर), 02 तमंचे (315 बोर व 12 बोर), 36 जिंदा कारतूस, 02 अतिरिक्त कारतूस, एक स्विफ्ट कार (UP25 BP 0824) और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कार्रवाई मुकदमा संख्या 0122/26 के तहत आर्म्स एक्ट एवं बीएनएस की धाराओं में की गई है।
शेरगढ़ अड्डे से गिरफ्तारी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शेरगढ़ अड्डे पर दबिश देकर तसलीम पुत्र जमील अहमद (29 वर्ष) निवासी जोखनपुर, थाना बहेड़ी और सोमू खान उर्फ औशाफ (36 वर्ष) निवासी ग्राम बरीपुरा, थाना शेरगढ़ को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का कथित सरगना इशरत अली (हिस्ट्रीशीटर, थाना बहेड़ी) फिलहाल फरार है।
दंगों से कनेक्शन का दावा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आया है कि 26 सितंबर 2025 को हुए बरेली दंगों में इस्तेमाल अवैध हथियारों की सप्लाई इसी नेटवर्क के माध्यम से की गई थी।
पुलिस बयान के अनुसार, आरोपी सोमू खान ने स्वीकार किया है कि उसने इशरत अली और फरहत अली के कहने पर झुमका तिराहा क्षेत्र में हथियार पहुंचाए थे।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि दंगों के दौरान मौलाना मौलाना तौकीर रज़ा कथित रूप से फरहत अली के आवास पर मौजूद थे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल से मिले वीडियो
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन से कुछ वीडियो और फोटो मिले हैं, जिनमें अवैध हथियारों की टेस्ट फायरिंग दिखाई दे रही है। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दंगों से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
